घर की चौखट से ग्लोबल करियर तक, बेटियों के सपनों को नई उड़ान देगा ये सब्जेक्ट  


एक्सपर्ट्स की मानें तो नई शिक्षा और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप होम साइंस की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में छात्राएं इस विषय को अपने करियर विकल्प के रूप में चुन रही हैं. इस फील्ड में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स के साथ-साथ विभिन्न डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी चलाए जा रहे हैं, जिनके जरिए छात्राएं कम समय में रोजगारपरक कौशल हासिल कर सकती हैं.

एक्सपर्ट्स की मानें तो नई शिक्षा और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप होम साइंस की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में छात्राएं इस विषय को अपने करियर विकल्प के रूप में चुन रही हैं. इस फील्ड में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स के साथ-साथ विभिन्न डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी चलाए जा रहे हैं, जिनके जरिए छात्राएं कम समय में रोजगारपरक कौशल हासिल कर सकती हैं.

रिपोर्ट्स की मानें तो होम साइंस की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती. इसमें फूड एंड न्यूट्रिशन, डाइटेटिक्स, फैमिली रिसोर्स मैनेजमेंट, टेक्सटाइल डिजाइन, एपेरल डिजाइन, चाइल्ड डेवलपमेंट और कम्युनिटी साइंस जैसे सब्जेक्ट की प्रैक्टिकल नॉलेज भी शामिल है. आधुनिक प्रयोगशालाओं, फील्ड वर्क, प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप के माध्यम से छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है.

रिपोर्ट्स की मानें तो होम साइंस की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती. इसमें फूड एंड न्यूट्रिशन, डाइटेटिक्स, फैमिली रिसोर्स मैनेजमेंट, टेक्सटाइल डिजाइन, एपेरल डिजाइन, चाइल्ड डेवलपमेंट और कम्युनिटी साइंस जैसे सब्जेक्ट की प्रैक्टिकल नॉलेज भी शामिल है. आधुनिक प्रयोगशालाओं, फील्ड वर्क, प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप के माध्यम से छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है.

Published at : 26 Jun 2026 08:53 AM (IST)

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