BTech Demand 2026 : क्या वापस आने वाला है बीटेक का क्रेज? मार्केट में बढ़ रही डिमांड


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस इस समय सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल हैं. हेल्थ, बैंकिंग और ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर में इनका इस्तेमाल बढ़ रहा है. कंपनियां ऑटोमेशन और बड़े डेटा को समझने के लिए AI और डेटा साइंस प्रोफेशनल्स की जरूरत महसूस कर रही हैं. Python, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस, विजुअलाइजेशन और बेसिक मैथ्स जैसी स्किल्स इस क्षेत्र में जरूरी हैं.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस इस समय सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल हैं. हेल्थ, बैंकिंग और ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर में इनका इस्तेमाल बढ़ रहा है. कंपनियां ऑटोमेशन और बड़े डेटा को समझने के लिए AI और डेटा साइंस प्रोफेशनल्स की जरूरत महसूस कर रही हैं. Python, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस, विजुअलाइजेशन और बेसिक मैथ्स जैसी स्किल्स इस क्षेत्र में जरूरी हैं.

कंपनियां अब सिर्फ डिग्री या कॉलेज के नाम के आधार पर भर्ती नहीं कर रही हैं. Coding, internships, open-source projects, certifications और practical projects जैसे एक्सपीरियंस भी काफी जरूरी हो गए हैं. यही वजह है कि आज के समय में BTech छात्रों के लिए पढ़ाई के साथ industry-ready skills विकसित करना जरूरी माना जा रहा है.

कंपनियां अब सिर्फ डिग्री या कॉलेज के नाम के आधार पर भर्ती नहीं कर रही हैं. Coding, internships, open-source projects, certifications और practical projects जैसे एक्सपीरियंस भी काफी जरूरी हो गए हैं. यही वजह है कि आज के समय में BTech छात्रों के लिए पढ़ाई के साथ industry-ready skills विकसित करना जरूरी माना जा रहा है.

अब इंजीनियरिंग सिर्फ IT तक सीमित नहीं है. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में अवसर बढ़े हैं, जबकि मैकेनिकल इंजीनियरिंग में रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है. सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल जैसे कोर क्षेत्रों में भी टेक्नोलॉजी के साथ नए अवसर बन रहे हैं.

अब इंजीनियरिंग सिर्फ IT तक सीमित नहीं है. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में अवसर बढ़े हैं, जबकि मैकेनिकल इंजीनियरिंग में रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है. सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल जैसे कोर क्षेत्रों में भी टेक्नोलॉजी के साथ नए अवसर बन रहे हैं.

India Skills Report के आंकड़ों में B.E./B.Tech ग्रेजुएट्स की Employability 2020 में 49 फीसदी थी, जो 2021 में 46.82 फीसदी तक पहुंच गई. इसके बाद 2022 में यह 55.15 फीसदी, 2023 में 57.44 फीसदी और 2024 में 64.67 फीसदी रही.  2025 में यह बढ़कर 71.50 फीसदी हो गई. यह लगातार सुधार इंजीनियरिंग छात्रों की नौकरी के लिए तैयारी में बदलाव दिखाता है.

India Skills Report के आंकड़ों में B.E./B.Tech ग्रेजुएट्स की Employability 2020 में 49 फीसदी थी, जो 2021 में 46.82 फीसदी तक पहुंच गई. इसके बाद 2022 में यह 55.15 फीसदी, 2023 में 57.44 फीसदी और 2024 में 64.67 फीसदी रही. 2025 में यह बढ़कर 71.50 फीसदी हो गई. यह लगातार सुधार इंजीनियरिंग छात्रों की नौकरी के लिए तैयारी में बदलाव दिखाता है.

आज BTech में सिर्फ सामान्य CSE तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है. AI और डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, IoT और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्र भी तेजी से सामने आए हैं. AI और डेटा साइंस में रोजगार की सालाना वृद्धि 35 फीसदी, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड कंप्यूटिंग में 27 फीसदी और रोबोटिक्स व ऑटोमेशन में 25 फीसदी है.

आज BTech में सिर्फ सामान्य CSE तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है. AI और डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, IoT और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्र भी तेजी से सामने आए हैं. AI और डेटा साइंस में रोजगार की सालाना वृद्धि 35 फीसदी, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड कंप्यूटिंग में 27 फीसदी और रोबोटिक्स व ऑटोमेशन में 25 फीसदी है.

Published at : 16 Aug 2026 07:43 PM (IST)

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