- एयरलाइन को दो लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश मिला।
Flight News: आज के समय में फ्लाइट से सफर करना आम बात हो गई है, जबकि पहले हवाई सफर करना लोगों का सपना हुआ करता था. ऐसे में सोचिए अगर आपने फ्लाइट की महंगी टिकट खरीदी हो, लेकिन आपका यात्रा का अनुभव बिल्कुल खराब रहता है तो जाहिर सी बात है कि आप दोबारा उसी एयरलाइन से सफर करना नहीं चाहेंगे.
सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखना एयरलाइन की जिम्मेदारी होती है. अगर किसी भी तरह की लापरवाही के चलते यात्री को नुकसान होता है तो एयरलाइन को इसका भुगतान करना पड़ सकता है. हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें उपभोक्ता आयोग ने एयरलाइन को घायल यात्री को देने का आदेश दिया.
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पूरा मामला क्या है?
यह मामला जून 2024 का है. एक यात्री अपनी पत्नी और दो पोते-पोतियों के साथ बेंगलुरु से बीजिंग जा रहा था. सफर के दौरान यात्री कैथे पैसिफिक की हांगकांग से बीजिंग जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट में बिजनेस क्लास में यात्रा कर रहा था. जानकारी के मुताबिक, यात्री वॉशरूम से बाहर निकल रहा था और इसी समय केबिन क्रू ने ओवरहेड कंपार्टमेंट का गेट खोल दिया, जिसके चलते यात्री के सिर पर दरवाजा लग गया और उसे गंभीर चोट आई. साथ ही यात्री का काफी खून भी बहने लगा, जिसके बाद यात्री को फ्लाइट में मौजूद क्रू ने प्राथमिक उपचार दिया.
फिर जब यात्री बीजिंग पहुंचा तो उसका इलाज अस्पताल में हुआ. यहां डॉक्टरों ने उसके सिर के घाव का इलाज किया और घाव को बंद करने के लिए स्टेपल भी लगाए. हालांकि, इसके बाद भी जब यात्री भारत लौटा तो उसे यहां पर भी इलाज करवाना पड़ा. साथ ही सिर पर लगे स्टेपल को निकलवाना पड़ा. इलाज का सारा खर्च यात्री ने ही दिया.
एयरलाइन को देना पड़ा क्लेम
यात्री ने घटना के बाद एयरलाइन को कानूनी नोटिस भेजा, जिसके बाद एयरलाइन ने मेडिकल बिलों की जांच की और 66,570 रुपये देने की पेशकश की. इस पर यात्री का कहना था कि यह पैसे उसके नुकसान के मुकाबले कम है, जिसके बाद उसने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई.
आयोग का फैसला क्या था?
बेंगलुरु के जिला उपभोक्ता आयोग ने कहा कि बिजनेस क्लास में यात्रा कर रहे यात्री की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी केबिन क्रू की थी. इसके साथ ही आयोग ने यह भी कहा कि केबिन क्रू को वॉशरूम के पास लगे ओवरहेड दरवाजे को खोलने से पहले देखना चाहिए था कि कोई यात्री वहां से निकल तो नहीं रहा है. लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे साफ होता है कि यह एक बहुत बड़ी लापरवाही थी.
एयरलाइन ने यात्री की लापरवाही बताई
एयरलाइन ने कहा कि यह घटना यात्री की लापरवाही के चलते हुए. कंपनी का कहना था कि वॉशरूम से बाहर निकलते समय सामने सब कुछ साफ दिखाई दे रहा था. ऐसे में अगर यात्री ने ध्यान दिया होता तो ये हादसा होता ही नहीं.
यात्री को कितना मिला मुआवजा?
आयोग ने एयरलाइन को घायल यात्री को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया. इसके अलावा शिकायत दर्ज होने की डेट से भुगतान की 6 प्रतिशत सालाना ब्याज देने को भी कहा. सिर्फ इतना ही, एयरलाइन को 3 हजार रुपये कानूनी खर्च के रूप में देने होंगे.
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अपने अधिकारों की रखें जानकारी
- सबसे जरूरी बात यह है कि एयरलाइन की जिम्मेदारी है कि वह यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखें.
- अगर कभी एयरलाइन की लापरवाही के चलते किसी यात्री को चोट लगती है तो यात्री मुआवजा मांग सकता है.
- घटना के तुरंत बाद एयरलाइन के अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए और शिकायत करें.
- सभी जरूरी इलाज से जुड़े मेडिकल बिल को संभालकर रखें, ये आपके काम आएंगे.
- अगर एयरलाइन आपकी बात नहीं सुनती है तो आप सीधे उपभोक्ता आयोग में शिकायत करें.
- अगर आपके पास घटना से जुड़ा कोई वीडियो या फोटो हुआ तो यह आपके लिए अच्छा रहेगा.
- अगर एयरलाइन की लापरवाही के चलते घटना हुई है तो तुरंत जल्द से जल्द शिकायत करें.