AI के दौर में भी खत्म नहीं होंगी ये 6 नौकरियां, इंसानों की रहेगी जरूरत


हेल्थ केयर प्रोफेशनल, फायरफाइटर और पुलिस अधिकारियों को कई बार बहुत दबाव वाली स्थिति में तुरंत फैसले लेने पड़ते हैं. आपात स्थिति में लोगों को बचाने के लिए फिजिकल दक्षता, मानवीय संवेदना और बदलते माहौल के अनुसार प्रतिक्रिया देना जरूरी होता है. खासकर ऐसे स्थान पर जहां स्थितियां पहले से तय नहीं होती, वहा इंसानी हस्तक्षेप जरूरी रहता है. ऐसी नौकरी में एआई इंसानों की जगह नहीं ले सकता है.

हेल्थ केयर प्रोफेशनल, फायरफाइटर और पुलिस अधिकारियों को कई बार बहुत दबाव वाली स्थिति में तुरंत फैसले लेने पड़ते हैं. आपात स्थिति में लोगों को बचाने के लिए फिजिकल दक्षता, मानवीय संवेदना और बदलते माहौल के अनुसार प्रतिक्रिया देना जरूरी होता है. खासकर ऐसे स्थान पर जहां स्थितियां पहले से तय नहीं होती, वहा इंसानी हस्तक्षेप जरूरी रहता है. ऐसी नौकरी में एआई इंसानों की जगह नहीं ले सकता है.

कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन और प्लंबर जैसे कामों में हर जगह एक जैसी स्थिति नहीं होती है. अलग-अलग इमारत और घरों में संरचना अलग होती है, जिसके अनुसार काम करने का तरीका बदलना पड़ता है. इन कामों में भी एआई इंसानों की जगह नहीं ले सकता है.

कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन और प्लंबर जैसे कामों में हर जगह एक जैसी स्थिति नहीं होती है. अलग-अलग इमारत और घरों में संरचना अलग होती है, जिसके अनुसार काम करने का तरीका बदलना पड़ता है. इन कामों में भी एआई इंसानों की जगह नहीं ले सकता है.

वहीं ऑटोपायलट नियमित उड़ान से जुड़े काम संभाल सकता है, लेकिन मौसम अचानक बदलाव, तकनीकी खराबी या दूसरी परिस्थितियों में पायलट की भूमिका जरूरी होती है. सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े फैसलों में इमरजेंसी के अनुसार तुरंत रिएक्शन देना जरूरी होता है.

वहीं ऑटोपायलट नियमित उड़ान से जुड़े काम संभाल सकता है, लेकिन मौसम अचानक बदलाव, तकनीकी खराबी या दूसरी परिस्थितियों में पायलट की भूमिका जरूरी होती है. सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े फैसलों में इमरजेंसी के अनुसार तुरंत रिएक्शन देना जरूरी होता है.

कमर्शियल फिशिंग और हंटिंग का काम समुद्र या जंगली इलाकों जैसे अनिश्चित वातावरण में किया जाता है. मौसम में अचानक बदलाव, प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच काम करने के लिए फिजिकल क्षमता, अनुभव और परिस्थितियों के अनुसार दिशा बदलने की क्षमता जरूरी होती है. इस काम में भी एआई इंसानों की जगह नहीं ले सकता है.

कमर्शियल फिशिंग और हंटिंग का काम समुद्र या जंगली इलाकों जैसे अनिश्चित वातावरण में किया जाता है. मौसम में अचानक बदलाव, प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच काम करने के लिए फिजिकल क्षमता, अनुभव और परिस्थितियों के अनुसार दिशा बदलने की क्षमता जरूरी होती है. इस काम में भी एआई इंसानों की जगह नहीं ले सकता है.

वहीं ड्रिलिंग रिग और एक्सट्रैक्शन मशीनरी को संभालने वाले ऑपरेटर को कई बार बहुत खतरनाक वातावरण में काम करना पड़ता है. एआई सेंसर के जरिए मशीनों की निगरानी में मदद की जा सकती है, लेकिन भारी उपकरणों का निरीक्षण, खतरनाक पदार्थ को संभालना और इंमजेंसी में मशीनों को तुरंत बंद करना जैसे कामों में मानवीय तकनीकी कौशल की जरूरत रहती है.

वहीं ड्रिलिंग रिग और एक्सट्रैक्शन मशीनरी को संभालने वाले ऑपरेटर को कई बार बहुत खतरनाक वातावरण में काम करना पड़ता है. एआई सेंसर के जरिए मशीनों की निगरानी में मदद की जा सकती है, लेकिन भारी उपकरणों का निरीक्षण, खतरनाक पदार्थ को संभालना और इंमजेंसी में मशीनों को तुरंत बंद करना जैसे कामों में मानवीय तकनीकी कौशल की जरूरत रहती है.

खदानों में काम करने वाले रूप बोल्टर, भारी मशीनरी की मदद से सुरंग या खदान की छत को स्टील बोल्ट से सुरक्षित करते हैं. यह बहुत खतरनाक भरा काम है. इसमें चट्टानों की स्थिति का लगातार निरीक्षण करना, आवाज और संरचना में बदलाव से खतरे को पहचानना और जरूरत पड़ने पर तुरंत रिएक्शन देना शामिल है.  ऐसे माहौल में मौके पर इंसानी निर्णय बहुत जरूरी होता है.

खदानों में काम करने वाले रूप बोल्टर, भारी मशीनरी की मदद से सुरंग या खदान की छत को स्टील बोल्ट से सुरक्षित करते हैं. यह बहुत खतरनाक भरा काम है. इसमें चट्टानों की स्थिति का लगातार निरीक्षण करना, आवाज और संरचना में बदलाव से खतरे को पहचानना और जरूरत पड़ने पर तुरंत रिएक्शन देना शामिल है.  ऐसे माहौल में मौके पर इंसानी निर्णय बहुत जरूरी होता है.

Published at : 18 Aug 2026 10:13 PM (IST)

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