UDISE+ 2025-26 Report: हमारे देश के स्कूलों में डिजिटल सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में स्कूल इंटरनेट से जुड़े नहीं पाए हैं. शिक्षा मंत्रालय के UDISE+ 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार देश के 67.4 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है. पिछले शैक्षणिक वर्ष में यह लगा यह आंकड़ा 63.5 प्रतिशत था, यानी एक साल में इंटरनेट के पहुंच में 3.9 प्रतिशत अंक का इजाफा हुआ है. इसके बावजूद देश के करीब एक तिहाई यानी 32.6 प्रतिशत स्कूल अभी भी इंटरनेट सुविधा से वंचित है.
3 साल में इंटरनेट कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार
UDISE+ के डेटा से सामने आया है कि पिछले कुछ सालों में स्कूलों में इंटरनेट की पहुंच लगातार बढ़ रही है. 2023-24 में देश के 53.9 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट सुविधा थी. 2024-25 में यह बढ़कर 63.5 प्रतिशत और 2025-26 में 67.4 प्रतिशत हो गई. इस तरह 3 साल के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले स्कूलों की हिस्सेदारी में 13.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है, हालांकि अभी भी 32.6 प्रतिशत स्कूलों को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं है.
स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा भी बढ़ी
स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्धता के मामले में भी लगातार सुधार देखा गया है. 2024-25 में 64.7 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा थी, जो 2025-26 में बढ़कर 69.9 प्रतिशत हो गई. यानी एक साल में करीब 5.2 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई है. हालांकि करीब 30.1 प्रतिशत स्कूलों को अभी भी कंप्यूटर सुविधा नहीं मिल पाई है. आंकड़ों के अनुसार 2023-24 में 57.2 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर थे, जो 2024-25 में 64.7 प्रतिशत और 2025-26 में 69.9 प्रतिशत हो गए. इंटरनेट और कंप्यूटर की उपलब्धता में यह अंतर बताता है कि स्कूलों में कंप्यूटर पहुंचने के बाद भी उन्हें इंटरनेट से जोड़ना अभी एक बड़ी समस्या बनी हुई है.
स्कूलों में बिजली और दूसरी सुविधाओं की स्थिति
UDISE+ 2025-26 के आंकड़ों में स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में भी बेहतर स्थिति सामने आई है. देश के 95 प्रतिशत स्कूलों में बिजली 98.5 प्रतिशत में लड़कियों के लिए टॉयलेट और 97.2 प्रतिशत में लड़कों के लिए टॉयलेट उपलब्ध है. वहीं 99.5 प्रतिशत स्कूलों में सुरक्षित पेयजल की सुविधा पहुंच चुकी है. हाथ धोने की सुविधा भी 96.9 प्रतिशत स्कूलों में उपलब्ध है.
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सिंगल टीचर स्कूलों की संख्या में भी कमी
रिपोर्ट में स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी आंकड़े सामने आए. एक ही शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या 2024-25 में 1,04,125 थी, जो 2025-26 में घटकर 1,00,843 रह गई. यानी एक साल में ऐसे स्कूलों की संख्या में 3,282 की कमी आई. हालांकि राज्यों के बीच स्थित एक जैसी नहीं है. कुछ राज्यों में सिंगल टीचर स्कूलों की संख्या में बड़ी कमी दर्ज की गई, जबकि कई राज्यों में ऐसे स्कूलों की संख्या बढ़ी है.
देश में है 14.67 लाख से ज्यादा स्कूल
UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट के अनुसार देश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था में करीब 14.67 लाख स्कूल, 1.3 करोड़ शिक्षक और 24.72 करोड़ से ज्यादा छात्र शामिल है. औसतन एक स्कूल में 7 शिक्षकों और 169 छात्र हैं. देश का कुल प्यूपिल टीचर रेशियो 24:1 है] यानी औसतन 24 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध है. रिपोर्ट के अनुसार यह अनुपात और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के 30:1 के सुझाए गए मानक के अंदर है.
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