Used Detergent Instead of Salt in Children’s MDM: हर मां-बाप के लिए अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के अलावा उनकी अच्छी सेहत भी बहुत मायने रखती है इसलिए हर मां-बाप को इस बात की हमेशा चिंता लगी रहती है कि उनके बच्चे जो खा रहे हैं या पी रहे हैं वे सुरक्षित है या नहीं, लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि उनके बच्चे को जो खाना मिल रहा है वह मिलावटी का है, तो ये खबर हर मां-बाप के लिए कोई मामूली खबर नहीं होगी.
ऐसी ही कुछ खबर इन दिनों बिहार के नालंदा से आ रही है जिसने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है. बता दें कि इस खबर में आई बात सामने में किसी एक या दो बच्चों के खाने में मिलावटी नहीं की गई है बल्कि कुल 34 से 40 मासूम बच्चों के खाने के साथ मिलावटी की गई है, और ये मिलावटी किसी सब्जी या मसाले के साथ नहीं बल्कि नमक के साथ की गई है, जिसके निष्कर्ष में करिब 34 से 40 मासूम बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है.
इस पूरे मामले में आरोप है कि बच्चों के खाने में नमक की जगह पर डिटर्जेंट मिला दिया गया. इस खबर को सुनने वाले हर आदमी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर बच्चों के खाने के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ कोई कैसे कर सकता है, और जो सबसे जरूरी बात है कि डिटर्जेंट खा लेना बच्चों की सेहत के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है. हर किसी के मन में बच्चों की सेहत को लेकर तरह-तरह के सवाल आ रहे हैं. ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि अगर कोई बच्चा गलती से डिटर्जेंट खा लेता है तो उसके सेहत को कितना नुकसान पहुंचाता है.
आखिर स्कूल में उस दिन क्या हुआ था?
यह घटना नालंदा के नूरसराय प्रखंड स्थित परासी मिडिल स्कूल की है, जहां मंगलवार को बच्चों को हमेशा की तरह मिड डे मील में चावल और सोयाबीन-आलू की सब्जी खाने पहुंचे थे. खाना खाते ही कुछ बच्चों को सब्जी में नमक कम लगा, जिसके बाद रसोइया से नमक मांगा गया. आरोप है कि जल्दबाजी में रसोइया ने गलती से नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर दे दिया, जिसे बच्चों ने बिना कुछ समझे खा लिया. खाना खाते ही कुछ ही देर में बच्चों की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई और स्कूल में हड़कंप मच गया.
Why Bihar always ??
In Bihar’s Nalanda, when extra salt was demanded for the mid-day meal, allegedly detergent (Surf) was given instead. More than 20 children fell ill and were admitted to the hospital. pic.twitter.com/08gSUJET8b
— Oxomiya Jiyori 🇮🇳 (@SouleFacts) August 18, 2026
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डिटर्जेंट खाने से बच्चों की सेहत को कितना खतरा
अब बात करते हैं उस सवाल के जवाब की जो हर किसी के दिमाग में चल रहा है वे हैं बच्चों की सेहत पर लापरवाही का क्या असर पड़ा होगा. तो बता दें कि जो चीज कपड़े और बर्तन धोने के लिए बनी है, अगर वही गलती से किसी मासूम बच्चे के पेट में चली जाए तो नतीजे बेहद डरावने हो सकते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक डिटर्जेंट में मौजूद तेज रसायन गले और मुंह में जलन पैदा करते हैं, जिससे बच्चों को उल्टी, मतली और पेट में तेज दर्द जैसी शिकायत होने लगती है.
कई बार यह इतना असर डाल सकता है कि सांस लेने में तकलीफ होने लगती है और गले में सूजन आ जाती है, जो बच्चों के लिए बेहद खतरनाक स्थिति बन सकती है. ज्यादा मात्रा में डिटर्जेंट पेट में चले जाने पर बच्चे को घबराहट, बेचैनी और सुस्ती भी महसूस हो सकती है, और कुछ गंभीर मामलों में गले व खाने की नली को नुकसान पहुंचने का भी खतरा रहता है. बच्चों का शरीर बड़ों के मुकाबले बेहद नाजुक होता है, इसलिए उनके लिए यह खतरा और भी ज्यादा गंभीर हो जाता है, ऐसे में समय पर अस्पताल पहुंचाना और सही इलाज मिलना बहुत जरूरी हो जाता है.
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