कोलंबो से आई तस्वीरों ने बढ़ाई कुलदीप यादव की टेंशन, जानें पूरा मामला

4b0d10035607e6902ae5f88661dd13601787303867597975 original


भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाना है. सीरीज के पहले मुकाबले में 165 रन से शानदार जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया की नजर अब सीरीज अपने नाम करने पर है. लेकिन दूसरे टेस्ट से पहले टीम के अभ्यास सत्र ने प्लेइंग इलेवन को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. 21 अगस्त को कोलंबो में हुए नेट सेशन में मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन ने काफी देर तक गेंदबाजी की. उन्होंने ऑफ स्पिन पर खासा समय दिया और स्पिन गेंदबाजी कोच साइराज बहुतुले तथा रवींद्र जडेजा के साथ भी बातचीत करते नजर आए.

यह टेस्ट इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि जैन को श्रीलंका दौरे के लिए पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है. दूसरी ओर, पहले टेस्ट में खेलने वाले कुलदीप यादव 21 अगस्त के टेस्ट सीरीज में मैदान पर नजर नहीं आए. हालांकि, उनकी गैरमौजूदगी की वजह को लेकर टीम मैनेजमेंट या मेडिकल स्टाफ की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि उन्हें आराम दिया गया है या टीम में बदलाव की तैयारी चल रही है. गौरतलब है कि कुलदीप पहले टेस्ट में केवल एक विकेट ले पाए थे.

पहले टेस्ट में कुलदीप का प्रदर्शन रहा साधारण

गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में कुलदीप यादव को स्पिन के लिए मददगार पिच मिली थी, लेकिन वह अपनी छाप छोड़ने में कामयाब नहीं रहे. उन्होंने मैच में कुल 25 ओवर गेंदबाजी की और सिर्फ एक विकेट हासिल किया. इसके उलट मैनव सुथार ने दोनों पारियों में शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच में 10 विकेट झटके और भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई.

इसी वजह से दूसरे टेस्ट के लिए टीम कॉम्बिनेशन को लेकर चर्चा तेज हो गई है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सारांश जैन को टेस्ट डेब्यू का मौका मिल सकता है और ऐसी स्थिति में कुलदीप को बाहर बैठना पड़ सकता है. हालांकि, अभी अंतिम प्लेइंग इलेवन की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. 

यह भी पढ़ें- क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस 90’ का शिकार बनने वाले बल्लेबाज

सारांश जैन का घरेलू रिकॉर्ड मजबूत

33 वर्षीय सारांश जैन मध्य प्रदेश के लिए लंबे समय से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल रहे हैं. उन्होंने दिसंबर 2014 में अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था. घरेलू क्रिकेट में वह गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं. टीम में उनकी मौजूदगी भारत को ऑफ स्पिन का विकल्प देती है, जो बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ उपयोगी हो सकता है. 

यह भी पढ़ें- बल्लेबाज या गेंदबाज, कोलंबो में किसका साथ देगी पिच? गॉल में स्पिनरों ने मचाया था भौकाल





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *