Onion Buffer Stock: अगर आपकी रसोई का बजट प्याज की कीमतों पर निर्भर करता है, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है. किसानों को प्याज की बेहतर कीमत दिलाने और जरूरत के समय बाजार में इसकी मौजूदगी बनाए रखने के लिए, केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक के लिए खरीदे जाने वाले प्याज का खरीद मूल्य बढ़ाने का फैसला किया है.
ऐसे में अब किसानों से बफर स्टॉक के लिए प्याज 21,25 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा, जो पहले 1,875 रुपए प्रति क्विंटल था. हालांकि, यह नई कीमत आज से शुरू हो गई है. अब तक सरकार एजेंसियां करीब 2,000 टन प्याज ही खरीद सकी है. सरकार इस सीजन में पांचवीं बार बफर स्टॉक के लिए प्याज की खरीद कीमत बढ़ा रही है. लेकिन सरकार के इस फैसले का खास मकसद किसानों को बेहतर दाम देना और जरूरत पड़ने पर बाजार में प्याज की मौजूदगी बनाए रखना है.
बाजार में प्याज की स्थिति कैसी है?
सरकारी अनुमान के मुताबिक, साल 2025-26 में देश में करीब 307.37 लाख टन प्याज का उत्पादन होने की उम्मीद है, जो पिछले साल के बराबर है. सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में प्याज की कोई कमी नहीं है.
हालांकि, देश के कई राज्यों में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. खासकर मंडियों में रोजाना 50 हजार टन से ज्यादा प्याज आ रही है, ऐसे में महाराष्ट्र से 30 हजार टन से ज्यादा प्याज पहुंच रही है. मंडियों में प्याज का औसत भाव करीब 18 रुपए प्रति किलो के आसपास है, जबकि खुदरा बाजारों में इसकी कीमत करीब 31 रुपए प्रति किलो है.
To strengthen farmer welfare, the Government has increased the onion procurement rate in Maharashtra from ₹1875 per quintal to ₹2125 per quintal under PSF for creating the National onion buffer stock. The new rate, which is around 13% higher than the previous rate, is effective… pic.twitter.com/o2kWKxotkt
— Consumer Affairs (@jagograhakjago) July 4, 2026
इस सीजन में कब-कब बढ़े खरीद दाम?
- शुरुआत: 12.70 रुपए प्रति किलो
- 22 मई: 15.80 रुपए प्रति किलो
- 13 जून: 16.50 रुपए प्रति किलो
- 20 जून: 17.30 रुपए प्रति किलो
- इसके बाद: 18.75 रुपए प्रति किलो
- 4 जुलाई से: 21.25 रुपए प्रति किलो
मानसून और विदेशी बाजार का असर
मानसून में देरी और कुछ व्यापारियों द्वारा अच्छी क्वालिटी का प्याज रोककर रखने के कारण बाजार के कीमतों को लेकर काफी हलचल बनी हुई है. ऐसे में त्योहारों के समय या सप्लाई कम होने पर यही स्टॉक बाजारों में उतारे जाने की उम्मीद की जा रही है.
वहीं, जून में भारत से करीब 1.50 लाख टन प्याज का निर्यात हुआ, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी पड़ सकती है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि खाड़ी देशों और श्रीलंका जैसे बाजारों में पाकिस्तान और चीन का सस्ता प्याज भारतीय प्याज टक्कर दे रहा है. ऐसे में सरकार की बढ़ी हुई खरीद किसानों के लिए राहत का काम कर सकती है, जबकि आम लोगों के लिए फिलहाल कीमतों में बदलाव की उम्मीद कम है.
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