
दूध को उबालकर हल्का गर्म होने तक ठंडा करना, उसमें एक चम्मच दही मिलाना और ढककर रातभर किचन में रख देना. इससे दही अच्छी तरह जम जाता है, लेकिन गर्म मौसम में यह जल्दी खट्टा भी हो सकता है. दरअसल, दही जमने की प्रक्रिया में बैक्टीरिया दूध की लैक्टोज को लैक्टिक एसिड में बदलते हैं. दही जितनी देर गर्म रहता है, उतना ज्यादा फर्मेंटेशन होता है और खट्टापन बढ़ता जाता है.

ठंडे मौसम में हल्का गर्म ओवन दही जमाने में मदद कर सकता है. इसके लिए ओवन को थोड़ी देर गर्म करके बंद कर दिया जाता है और ढका हुआ दही उसके अंदर रखा जाता है. इससे दही काउंटर की तुलना में जल्दी जम सकता है और गाढ़ा भी बन सकता है, लेकिन ज्यादा देर तक गर्म जगह पर रखने से यह जल्दी खट्टा हो सकता है. इसलिए इसे सुबह तक छोड़ने की जगह बीच में चेक करना जरूरी है.

भारतीय घरों में दही जमाने का यह काफी पुराना तरीका है. गर्म दूध में थोड़ा स्टार्टर मिलाकर बर्तन को ढककर इंसुलेटेड कैसरोल में रखा जाता है. कैसरोल कुछ समय तक गर्मी बनाए रखता है, जिससे दही अच्छी तरह जम सकता है. इस तरीके से दही का टेस्ट हल्का और बनावट अच्छी मिल सकती है. हालांकि दूध बहुत गर्म नहीं होना चाहिए, वरना दही का सेट होना प्रभावित हो सकता है.

कई लोग सोचते हैं कि ज्यादा दही मिलाने से नया दही जल्दी और ज्यादा गाढ़ा जमेगा. लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है. ज्यादा स्टार्टर डालने से फर्मेंटेशन तेज हो सकता है और दही जल्दी खट्टा हो सकता है. इसलिए ज्यादा स्टार्टर डालना हमेशा बेहतर तरीका नहीं है.

दही को जरूरत से ज्यादा देर तक बाहर रखने की जगह जैसे ही वह अच्छी तरह जम जाए, उसे फ्रिज में रख देना बेहतर है. इससे दही का टेस्ट ज्यादा खट्टा होने से बच सकता है और वह गाढ़ा बना रह सकता है, हालांकि दही पूरी तरह जमने से पहले उसे फ्रिज में रखने पर वह ढीला रह सकता है.

दही को गुनगुने दूध, बैलेंस मात्रा में स्टार्टर और इंसुलेटेड कैसरोल की मदद से जमाया जा सकता है. कुछ घंटों बाद दही को चेक करें और जैसे ही वह जम जाए, उसे फ्रिज में रख दें. खासकर गर्मी के दिनों में दही को पूरी रात बाहर छोड़ना जरूरी नहीं है. जैसे ही दही अच्छी तरह जम जाए, उसे फ्रिज में रख देना बेहतर होता है. इससे दही ज्यादा खट्टा होने से बच सकता है.
Published at : 22 Aug 2026 07:51 PM (IST)