अगर किसी परिवार की हर महीने की कमाई 2.5 लाख रुपये हो, तो ज्यादातर लोग यह मान लेते हैं कि उसकी आर्थिक स्थिति काफी बेहतर होती है. लेकिन बेंगलुरु के एक परिवार की कहानी बिल्कुल अलग है, जहां 29 साल के एक व्यक्ति और उसकी पत्नी की कुल मासिक आय 2.5 लाख रुपये है. अच्छी-खासी इनकम होने के बावजूद परिवार कई तरह की खर्च EMI, शादी, घर के रिनोवेशन और क्रेडिट कार्ड के बढ़ते खर्च के दबाव में है. आइए जानते हैं कि आखिर 2.5 लाख रुपये की इनकम होने के बावजूद यह परिवार कर्ज की जाल में कैसे फंस गया.
हर महीने कहां खर्च हो रहे हैं 2.5 लाख रुपये?
रेडिट पर शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, परिवार ने बताया कि टैक्स कटने के बाद दोनों की कुल मासिक आय करीब 2.5 लाख रुपये है. लेकिन इसमें कई जरूरी और गैर-जरूरी खर्च भी शामिल हैं.
TikTok भरेगा 3300 करोड़ का जुर्माना! बच्चों की प्राइवेसी का किया उल्लंघन
- घर की EMI: 35,000
- पर्सनल लोन की EMI: 16,000
- कार लोन की EMI: 15,000
- किराया और बिल: 37,000
- क्रेडिट कार्ड खर्च: करीब 70,000
- किराना: 15,000
- SIP: 15,000
- बाहर खाने का खर्च: 4,000
- फिल्म और मनोरंजन: 2,000
कैसे बढ़ी कर्ज?
व्यक्ति के मुताबिक, आर्थिक परेशानी की शुरुआत काफी बड़े खर्चों से हुई. जिसमें सबसे पहले शादी में 30 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हुए. इसके बाद घर के रिनोवेशन में 35 लाख रुपये खर्च हुए, जिसमें 15 लाख रुपये बचत से और 20 लाख रुपये कर्ज लिया गया. वहीं, 5 लाख का पर्सनल लोन भी लिया गया, जबकि कार लोन का करीब 3 लाख रुपये अभी बाकी है.
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला खर्च हर महीने करीब 70,000 का क्रेडिट कार्ड बिल है. इस मामले से हमें यह पता चलता है कि सिर्फ अच्छी कमाई होना ही वित्तीय मजबूती की गारंटी नहीं देती है. ऐसे में हम सिर्फ किसी की आय देखकर परिवार की आर्थिक स्थिति का अंदाजा नहीं लगा सकते हैं.
भारत के पास है 880 टन सोने का भंडार, US-चीन के मुकाबले हम कहां?