रात में अच्छी नींद के लिए आरामदायक बिस्तर बेहद जरूरी है. हम अक्सर चादर, तकिया और बेड की सफाई पर ध्यान देते हैं, लेकिन गद्दे को लेकर उतना गंभीर नहीं होते. कई लोग सालों तक एक ही गद्दे का इस्तेमाल करते रहते हैं. हालांकि, समय के साथ गद्दे की मजबूती और सपोर्ट कम होने लगता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गद्दा कितने साल में बदल देना चाहिए और कैसे पता लगाएं कि वह खराब हो चुका है?
आमतौर पर एक अच्छे गद्दे की उम्र करीब 7 से 10 साल तक मानी जाती है. हांलाकि, यह गद्दे की क्वालिटी, इस्तेमाल, वजन और उसकी देखभाल पर निर्भर करता है. कुछ गद्दे इससे पहले ही खराब होने लगते हैं, जबकि अच्छी क्वालिटी के गद्दे उचित देखभाल के साथ ज्यादा समय तक चलते हैं. अगर गद्दे का इस्तेमाल रोजाना किया जाता है, तो कुछ वर्षों बाद उसके अंदर मौजूद फोम या स्प्रिंग का सपोर्ट धीरे-धीरे कम होने लगता है.
गद्दा खराब होने के संकेत
गद्दा बदलने का सबसे बड़ा संकेत उसकी सतह का असमान हो जाना है. अगर गद्दे के बीच या किसी हिस्से में गड्ढा बनने लगा है और उस पर लेटने के बाद शरीर एक तरफ झुकता महसूस होता है, तो यह गद्दे के खराब होने का संकेत होते हैं.
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सुबह उठने पर शरीर में दर्द
अगर रोज सुबह उठने के बाद कमर, कंधे या गर्दन में अकड़न महसूस होती है और इसका कोई दूसरा स्पष्ट कारण नहीं है, तो गद्दे का सपोर्ट भी एक वजह हो सकता है. पुराना या बहुत ज्यादा धंस चुका गद्दा शरीर को सही सपोर्ट नहीं दे पाता. जिससे शरीर दर्द करने गलता है.
गद्दे से आवाज आने लगे
स्प्रिंग वाले गद्दों में समय के साथ स्प्रिंग कमजोर या खराब हो जाते हैं. अगर करवट बदलते या बैठते समय गद्दे से लगातार आवाज आने लगे, तो यह उसके पुराने होने का संकेत हो सकता है. ऐसे में गद्दे को बदलने पर विचार किया जाना चाहिए.
कब बदलें गद्दा
अगर गद्दे में बहुत ज्यादा धंसाव, टूट-फूट, स्प्रिंग बाहर निकलना, असमान सतह या लगातार असहजता जैसी समस्या है, तो केवल उसकी उम्र पूरी होने का इंतजार करना जरूरी नहीं है. कुल मिलाकर, 7 से 10 साल एक सामान्य अनुमान है, लेकिन गद्दा बदलने का सही समय उसकी वास्तविक स्थिति पर निर्भर करता है. अगर गद्दा शरीर को पर्याप्त सपोर्ट नहीं दे रहा, उसकी सतह खराब हो गई है या उस पर सोने के बाद आराम महसूस नहीं होता, तो उसे बदलने का समय आ गया है.
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