4 साल से छोटे बच्चों को नुकसान पहुंचा सकती हैं कफ सिरप, सरकार ने लगाई सख्त पाबंदी

4cbb6ebc5cee45f235bef03f97d16faf17875628428401381 original


बदलते मौसम में अक्सर बीमारियों का प्रकोप काफी तेजी से फैल जाता है, जिसकी चपेट में बच्चे सबसे पहले आ जाते हैं. मानो सर्दी-जुकाम इस मौसम में एक आम बीमारी बन जाती है, ऐसे में माता-पिता घर में रखी दवा खुद ही दे देते हैं. लेकिन अब उनको जानकर हैरानी होगी कि अब ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है. बता दें कि केंद्र सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फेनिलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड वाले फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन यानी FDC दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग, बिक्री और वितरण पर नई पाबंदी लगाई है. यह फैसला बच्चों की जान बचाने के मकसद से लिया गया है, क्योंकि ऐसी दवाओं से कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबरें सामने आई थीं. आइए जानते हैं इस नए नियम के बारे में पूरी जानकारी.

किन दवाओं पर लगी है रोक?

सरकार ने क्लोरफेनिरामाइन मेलेट और फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड वाली सभी फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है. ये दोनों तत्व आमतौर पर सर्दी, जुकाम और बहती नाक की दवाओं में इस्तेमाल होते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी-जुकाम में इस्तेमाल होने वाले ये तत्व छोटे बच्चों के लिए स्वास्थ्य को लेकर खतरा पैदा कर सकते हैं, और विशेषज्ञ समिति का मानना है कि इससे छोटे बच्चों के लिए बाजार में और भी सुरक्षित दवाएं मौजूद हैं. कंपनियों को अब इन दवाओं के लेबल, पैकेट और प्रचार सामग्री पर साफ चेतावनी लिखनी होगी ताकि माता-पिता को पहले से ही सतर्क किया जा सके. यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि एक्सपर्ट कमेटी और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड यानी DTAB की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है.

यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने बच्चों की दवाओं को लेकर सख्ती दिखाई हो. इससे पहले अक्टूबर 2025 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो साल से छोटे बच्चों को कफ सिरप देने पर रोक लगाई थी. यह फैसला मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप पीने से 11 बच्चों की मौत की खबरों के बाद लिया गया था. उस समय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा था कि आमतौर पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप नहीं दिया जाना चाहिए.

यह भी पढ़ेंः किन सब्जियों को साथ खाने से हो जाती है पथरी? दूर कर लीजिए सारे शक

माता-पिता के लिए जरूरी सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने माता-पिता से अपील की है कि वे छोटे बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी सर्दी-जुकाम की दवा या सिरप न दें. दरअसल छोटे बच्चों का शरीर बड़ों जैसा मजबूत नहीं होता, इसलिए तेज असर वाली दवाएं उन पर उल्टा असर डाल सकती हैं. यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ज्यादातर सर्दी-जुकाम एक से दो हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाते हैं, और बच्चे बिना दवा लिए भी सामान्य रूप से ठीक हो सकते हैं. इसलिए हल्की सर्दी-जुकाम होने पर घबराने की बजाय डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे सही तरीका है.

यह भी पढ़ेंः  पेन किलर को कैसे पता चलता है कि शरीर में कहां हो रहा दर्द? जानें सच

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *