महंगी होगी CNG और PNG! बायोगैस के नए नियमों से लगेगा झटका

986bd255582ae4b906a2c59627789b3317875787920041346 original


Gobardhan Scheme: भारत सरकार ने हाल ही में Gobardhan योजना शुरू की है. जिसमें गोबर, फसल के अवशेष और दूसरे जैविक कचरे से कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) को बनाई जाएगी. इस योजना का मकसद कचरे से गैस बनाना, प्रदूषण कम करना और इम्पोर्ट की जाने वाली गैस पर भारत की निर्भरता को कम करना है. लेकिन CBG की नई कीमत से शहरों में CNG और PNG इस्तेमाल करने वालों पर बोझ बढ़ सकता है. आइये जानते हैं कैसे.

CBG की कीमत हुई तय
दरअसल गोबरधन योजना तहत बनने वाली CBG की कीमतें सरकार ने तय कर दी हैं. नई कीमत के मुताबिक CBG 2110 रुपये प्रति MMBTU मिलेगी, जबकि पहले ये करीब 1,478 रुपये प्रति MMBTU मिला करती थी. इसका मतलब है कि CBG की कीमत अब करीब 40 प्रतिशत ज्यादा हो गई है. नई कीमत तय होने के बाद CBG की कीमत साल 2025-26 में भारत द्वारा आयात किए गए LNG की औसत कीमत से भी करीब 60 प्रतिशत ज्यादा है. इससे गैस कंपनियों की लागत बढ़ सकती है.

ये भी पढ़ें: Wheat Export: गेहूं निर्यात पर भारत सरकार का बड़ा फैसला, सालों बाद हटाया बैन

CNG- PNG हो सकती है महंगी
सरकार के नियमों के मुताबिक CNG और घरों में पाइप से पहुंचने वाली PNG में CBG मिलाना जरूरी होगा. साल 2026-27 में CBG की 3 प्रतिशत ब्लेंडिंग, साल 2027-28 में 4 प्रतिशत और साल 2028-29 से 5 प्रतिशत ब्लेंडिंग का टारगेट रखा गया है. जिससे शहरी क्षेत्रों में गैस सप्लाई करने वाली कंपनियों को डर है कि CBG की ज्यादा कीमत का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालना आसान नहीं होगा. अगर कंपनियां अपनी बढ़ी हुई लागत ग्राहकों से वसूलती हैं, तो CNG और PNG के दाम बढ़ सकते हैं.

सरकार दे रही CBG को बढ़ावा
बता दें कि CBG यानी बायोगैस गोबर, फसल के अवशेष, खाने-पीने का कचरा और दूसरे जैविक कचरे से बनाई जाती है. कचरे से मीथेन गैस निकाली जाती है, उसे साफ करके दबाव के साथ स्टोर किया जाता है. यही CBG एक तरह के ग्रीन फ्यूल के रूप में इस्तेमाल होती है. सरकार का मानना है कि इससे कचरे की समस्या कम होगी और देश की आयात की जाने वाली LNG पर कम निर्भता कम होगी. भारत अपनी जरूरत की करीब आधी नेचुरल गैस आयात करता है.

ये भी पढ़ें: Electricity Supply: भारत ने बांग्लादेश को दिया झटका, बेचेगा महंगी बिजली, हर यूनिट पर लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *