अगर आपने भारत और श्रीलंका के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज देखी है, तो सोनल दिनुषा का नाम जरूर सुना होगा. कोलंबो में खेले गए दूसरे मुकाबले में उन्होंने श्रीलंका के लिए दोनों पारियों में शतक जड़ा. दिनुषा ने सीरीज में कुल 3 शतक लगाए. वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे, लेकिन इसके बाद भी उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ से नहीं नवाजा गया. दिनुषा की जगह ऐसे खिलाड़ी को खिताब दिया गया, जिसने उनसे कम शतक लगाए और कम रन बनाए.
बता दें कि श्रीलंकाई बल्लेबाज ने 2 मैचों की 4 पारियों में 140 के शानदार औसत से 420 रन स्कोर किए. इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक और 1 अर्धशतक निकला. वह सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप पर हैं. लेकिन प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को दिया गया.
पडिक्कल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे पायदान पर हैं. उन्होंने 3 पारियों में बैटिंग करते हुए 109.33 की औसत से 328 रन बनाए. उनके बल्ले से 2 शतक निकले. पहले मुकाबले में उन्होंने 167 और 44 रनों की शानदार पारिया खेलीं. फिर दूसरे मैच में पडिक्कल के बल्ले से 117 रनों की पारी निकली.
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प्लेयर ऑफ द सीरीज बनने के बाद क्या बोले पडिक्कल?
खिताब जीतने पर पोस्ट मैच प्रजेंटेशन में पडिक्कल ने कहा, “यह शानदार एहसास है. यह और भी अच्छा होता अगर हम यह मैच भी जीत जाते. लेकिन मैं खुश हूं कि मैंने योगदान दिया.”
देवदत्त पडिक्कल का टेस्ट करियर
नजर डालें पडिक्कल के टेस्ट करियर पर, तो अब उन्होंने फॉर्मट के 4 मुकाबले खेल लिए हैं. इन मैचों की 6 पारियों में बैटिंग करते हुए उन्होंने 69.66 की औसत से 418 रन बना लिए हैं, जिसमें 2 शतक और 1 अर्धशतक शामिल है. पडिक्कल की लंबे इंतजार के बाद टेस्ट टीम में वापसी हुई थी. श्रीलंका दौरे से पहले उन्होंने टीम इंडिया के लिए पिछला रेड बॉल मैच नवंबर 2024 में खेला था. 2 साल के बाद उन्हें दोबारा मौका मिला. इस मौके को अच्छी तरह से भुनाते हुए उन्होंने अपनी जगह पक्की करने का दावा कर दिया है. पडिक्कल ने श्रीलंका सीरीज में नंबर-3 की जगह का अच्छी तरह से इस्तेमाल किया.
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