
अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप के लिए उन छात्रों को आवेदन करने का मौका मिलेगा, जिन्होंने 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से किसी एक में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की है. इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल है.

योजना का लाभ लेने के लिए छात्र का कक्षा 10वीं और 12वीं की पढ़ाई किसी सरकारी स्कूल से पूरी करना जरूरी है. इसके साथ ही उसे भारत में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से अंडरग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा कोर्स के पहले वर्ष में एडमिशन मिला होना चाहिए.

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने इस स्कॉलरशिप को देशभर में बड़े स्तर पर पहुंचने का टारगेट रखा है. फाउंडेशन के अनुसार हर साल 5 लाख छात्राओं को स्कॉलरशिप देने की योजना है. वहीं ज्यादातर अंडर ग्रेजुएट कोर्स करीब 3 साल के होते हैं और छात्राओं को पूरे कोर्स के दौरान स्कॉलरशिप मिलती है. ऐसे में किसी भी समय करीब 15 लाख छात्राओं के पास सक्रिय अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप हो सकती है.

यह स्कॉलरशिप कार्यक्रम 2024 में शुरू किया गया था. फाउंडेशन के अनुसार शुरुआत के बाद से अब तक 1.9 लाख से ज्यादा छात्राओं को इस योजना के जरिए सहायता मिल चुकी है. दिल्ली में इस योजना का विस्तार इसे और बड़े स्तर पर पहुंचाने की दिशा में किया गया है.

स्कॉलरशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और फ्री है. आवेदन करने वाली छात्रा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकती है.

स्कॉलरशिप को लेकर फाउंडेशन के सीईओ अनुराग बेहार ने कहा कि देश और समाज के भविष्य को आकार देने में लड़कियों की भूमिका जरूरी होगी. ऐसे में उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा लड़कियों के लिए लंबे समय तक सशक्तिकरण का जरूरी माध्यम है और यह स्कॉलरशिप उच्च शिक्षा हासिल करने में उनके सामने आने वाली कुछ परेशानियों को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है.
Published at : 28 Aug 2026 10:31 AM (IST)