हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर देश के कुछ चुनिंदा शिक्षकों को एक बेहद खास सम्मान से नवाजा जाता है. यह सम्मन है, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार. यह अवॉर्ड सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उन शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और छात्रों की जिंदगी बदलने वाले योगदान को पहचान देने का एक जरिया है.
आखिर यह पुरस्कार है क्या?
शिक्षा मंत्रालय हर साल देशभर के उन शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार देता है, जिन्होंने अपने स्कूल, कॉलेज या संस्थान में पढ़ाई के तरीके और छात्रों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए खास प्रयास किए हों. इसका मकसद है शिक्षकों के नवाचार, डेडिकेशन और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को सामने लाना, ताकि बाकी शिक्षकों को भी मोटिवेशन मिल सके.
कौन कर सकता है नामांकन?
इसके लिए आवेदन का तरीका काफी आसान रखा गया है. सबसे पहला तरीका है सेल्फ नॉमिनेशन यानी कि शिक्षक खुद अपना फॉर्म भर सकता है. दूसरा तरीका है इंस्टिट्यूशनल नॉमिनेशन, जिसमें कॉलेज या संस्थान का प्रमुख किसी शिक्षक का नाम आगे भेज सकता है. तीसरा तरीका है पीयर नॉमिनेशन जिसमें उसी संस्थान के साथी शिक्षक किसी फैकल्टी मेंबर का नाम नामांकित कर सकते हैं. आवेदन ऑनलाइन आधिकारिक पोर्टल पर किया जाता है और साथ में शिक्षक को अपने काम से जुड़े दस्तावेज, फोटो, वीडियो और उपलब्धियों का पूरा पोर्टफोलियो भी जमा करना होता है.
ऐसे होती है सख्त छंटनी
सेलेक्शन प्रोसेस आसान नहीं होती है. सबसे पहले जिला या क्षेत्रीय स्तर पर आवेदनों की छंटनी होती है, इसके बाद राज्य या संगठन स्तर पर मूल्यांकन होता है और आखिर में एक स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी अंतिम फैसला लेती है. कुल मिलाकर तीन चरणों से गुजरने के बाद ही किसी शिक्षक का नाम फाइनल लिस्ट में शामिल होता है. मूल्यांकन में शिक्षक के काम और प्रदर्शन से जुड़े मानदंडों को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती है.
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कितने शिक्षकों को मिलता है यह सम्मान?
हर साल इस पुरस्कार के लिए चुने जाने वाले शिक्षकों की संख्या तय नहीं रहती है, बल्कि यह हर साल थोड़ी बदलती है. हाल के वर्षों में यह आंकड़ा 48 से 50 शिक्षकों के बीच रहा है, जिनमें स्कूल, उच्च शिक्षा और कौशल विकास मंत्रालय से जुड़े शिक्षक भी शामिल होते हैं. चुने गए शिक्षकों में पुरुष और महिला दोनों शामिल होते हैं, और वे अलग-अलग राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों का रिप्रेजेंटेशन करते हैं.
सम्मान के साथ क्या मिलता है?
पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को शिक्षक दिवस के मौके पर एक खास समारोह में सम्मानित किया जाता है, जिसमें प्रमाण पत्र, मेडल और स्मृति चिन्ह दिया जाता है. यह सिर्फ व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षक समुदाय के लिए गर्व करने का लम्हा होता है, जो यह दिखाता है कि मेहनत और लगन से किया गया काम कभी नजरअंदाज नहीं किया जाता है.
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