- जेट फ्यूल आज से 6.28 रुपये प्रति लीटर बढ़ा.
- ईंधन एयरलाइन के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होता.
- एयरलाइंस बढ़ी लागत का बोझ यात्रियों पर डालेंगी.
- त्योहारों में हवाई टिकट 10-15% तक महंगे होंगे.
आज 1 सितंबर से जेट फ्यूल (ATF) के दाम 6.28 रुपये प्रति लीटर (6,280 रुपये प्रति किलोलीटर) बढ़ा दिए गए हैं. Indian Oil Corporation Ltd. (IOCL) के सूत्रों ने बताया कि अभी एक महीने पहले ही 1 अगस्त 2026 को भी तेल कंपनियों ने ATF के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. यानी कि महज 30 दिनों के भीतर जेट फ्यूल के दाम लगभग 11.28 रुपये प्रति लीटर बढ़ गए हैं. इसी के साथ अब ईंधन की कीमत बढ़कर 121.28 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 115 रुपये थी. इससे पहले जुलाई में ATF की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी.
क्यों बढ़ाए गए जेट फ्यूल के दाम?
किसी भी एयरलाइन को ऑपरेट करने में जो खर्च आता है, उसका 40% से 45% हिस्सा केवल ईंधन खरीदने में जाता है. अब ईंधन के दाम बढ़ेंगे, तो एयरलाइंस कंपनियों पर भी वित्तीय बोझ बढ़ेगा और इसका सीधा उनके मुनाफे पर पड़ेगा. अमूमन एयरलाइंस कंपनियां इस बढ़े हुए आर्थिक दबाव का बोझ खुद उठाने के बजाय फ्यूल सरचार्ज (Fuel Surcharge) या बेस फेयर बढ़ाकर इसका पूरा भार यात्रियों पर ट्रांसफर कर देती हैं.
क्या महंगे होंगे एयर टिकट्स?
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि महंगे ईंधन का सबसे ज्यादा असर लो-कॉस्ट कैरियर्स (LCC) यानी बजट एयरलाइंस पर पड़ता है. आमतौर पर जहां Air India जैसे किसी फुल-सर्विस एयरलाइंस के कुल खर्च में ईंधन का हिस्सा लगभग 33% होता है. वहीं, IndiGo या Spicejet जैसे बजट एयरलाइंस के लिए यह 40% से अधिक होता है इसलिए बजट एयरलाइंस के टिकटों के दाम अधिक तेजी से बढ़ सकते हैं.
दरअसल, सितंबर से लेकर नवंबर-दिसंबर तक भारत में त्योहारों और छुट्टियों का सीजन रहता है. इस दौरान नवरात्रि, दिवाली, छठ पूजा जैसे एक के बाद एक त्योहार आते हैं और हवाई सफर की भी मांग काफी बढ़ जाती है क्योंकि लोग छुट्टियों में घर लौट रहे होते हैं. ऐसे में एक तरफ ईंधन के बढ़ते दाम और दूसरी तरफ यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए हो सकता है कि आने वाले समय में हवाई टिकटों की कीमतों में 10-15% तक का इजाफा हो.
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