Everest Masala Ban: अगर आप भी अपने रसोई में खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए बाजार में मिलने वाले पैकेट मसालों का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मशहूर मसाला ब्रांड Everest के कुछ उत्पादों की जांच को लेकर सख्त कार्रवाई की है. क्योंकि इस जांच में इसके हींग को गलत तरीके से लेबल किए जाने के साथ-साथ क्वालिटी से जुड़ी कुछ खामियां भी सामने आई हैं.
इसके अलावा Everest कंपनी के Egg Curry मसाला, चिकन मसाला और गरम मसाला में भी खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है. इस मामले के बाद खाद्य नियामक ने संबंधित कंपनी को नोटिस जारी कर उनसे जवाब की मांग की है.
Everest के इन मसालों पर उठे सवाल
FSSAI की करवाई में Everest की हींग को लेकर कुछ गड़बड़ी पाई गई. जिसमें हींग को गलत तरीके से ब्रांडेड और घटिया क्वालिटी का बताया गया है. इसके अलावा इन मसालों में भी नियमों का उल्लंघन पाया गया है.
- Egg Curry Masala
- Chicken Masala
- Garam Masala
वहीं, कथित नियम उल्लंघन को लेकर लालजी गोधू एंड कंपनी को भी अलग से चेतावनी दी गई है.
McD और KFC में खाते हैं आप? 10 फूड आउटलेट्स पर लगा भारी जुर्माना
खाने की चीजों पर जल्द दिखेगा नया चेतावनी लेबल
दरअसल, यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब FSSAI ने पैकेटबंद खाद्य पदार्थों के लिए एक नए फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल का प्रस्ताव रखा है. जिसके तहत पैकेट के सामने चमकीले लाल रंग का षट्भुजाकार निशान लगाने की प्लानिंग है. बड़ी बात यह है कि इस निशान के जरिए उपभोक्ताओं को ऐसे खाद्य उत्पादों के बारे में आसानी से जानकारी मिल सकेगी, जिनमें चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा हो. यानी किसी भी सामान की खरीदारी करते समय ग्राहक पैकेट देखकर ही उसके पोषण संबंधी जोखिम को आसानी से समझ सकेंगे.
फूड इंडस्ट्री ने भी जताई कुछ नियमों पर चिंता
नए लेबलिंग नियमों को लेकर खाद्य उद्योग की ओर से भी कुछ चिंताएं सामने आई हैं. कोका-कोला, नेस्ले और पेप्सिको जैसी बड़ी कंपनियों को प्रतिनिधित्व करने वाले समूहों ने प्रस्तावित व्यवस्था के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई है. वहीं, महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंधे ने खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों से सिर्फ नियमों का पालन करने तक सीमित न रहने की अपील की है.
Delhi-NCR में बढ़ेगा ऑटो का किराया, CNG की महंगाई के बाद तेज हुई मांग