हर गली-चौराहे में अंधेरा, महंगाई के बीच पाकिस्तान में गहराया बिजली संकट

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  • पाकिस्तान भीषण बिजली संकट से जूझ रहा, कराची में 24 घंटे कटौती.
  • इससे आम जीवन, पढ़ाई, पानी प्रभावित; गरीब परिवार संकट में.
  • K-Electric ने बिल बकाया, चोरी पर लोड शेडिंग बढ़ाई.
  • राष्ट्रीय ग्रिड में 4000 MW घाटा, ईंधन कमी मुख्य कारण.

गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के सामने अब एक नई मुसीबत आ गई है और वह है बिजली संकट. खासतौर पर, कराची में बिजली संकट चरम पर है. शहर के कई इलाकों में 16 से 24 घंटे तक की भीषण बिजली कटौती ने पाकिस्तान के ऊर्जा संकट को और भी ज्यादा गंभीर बना दिया है. आलम यह है कि पाकिस्तान में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक बिजली कटौती से कम आय वाले परिवारों पर बोझ बढ़ रहा है. 

कराची में जन जीवन अस्त-व्यस्त

डॉन (Dawn) की रिपोर्ट के अनुसार, ‘सिविल सोसाइटी कलेक्टिव फॉर क्लीन एनर्जी फॉर कराची’ की ओर से कराची प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह मुद्दा उठाया गया.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज ने इस बदतर स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि लंबे समय तक बिजली चले जाने से घर के रोजमर्रा के कामों, पढ़ाई और दूसरे कामकाज में रुकावटें आ रही हैं. इसका असर वॉटर सप्लाई और साफ-सफाई पर भी पड़ रहा है.  

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ कराची, नाजिमाबाद और गुलिस्तान-ए-जौहर के कुछ इलाकों में बड़े पैमाने पर पावर कट हो रहे हैं.  यह संकट अब गरीब और कामकाजी परिवारों को भुखमरी और कगार पर धकेल रहा है. इसके चलते शहर के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन और ट्रैफिक जाम की भी खबरें आई हैं.

कराची में क्याें गहराया बिजली संकट?

कराची में बिजली सप्लाई कंपनी K-Electric ने अपने कुल फीडरों में से लगभग 30% पर जानबूझकर भारी लोड शेडिंग बढ़ा दी है. कंपनी का दावा है कि ओरंगी टाउन जैसे इलाकों में उपभोक्ताओं पर 17 अरब पाकिस्तानी रुपये से अधिक का बिल बकाया है और वहां बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है.

 संकट की एक और बड़ी वजह, पाकिस्तान में बिजली उत्पादन में भारी गिरावट आना है, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड में 4,000 मेगावाट से अधिक का घाटा हो चुका है. कराची और देश के अन्य हिस्सों के पावर प्लांट्स मुख्य रूप से गैस और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (RLNG) पर चलते हैं, लेकिन वैश्विक और घरेलू कारणों से ईंधन की सप्लाई में भारी कमी आई है.

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