श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भारतीय स्पिनर्स की खराब अनुशासन वाली गेंदबाजी चर्चा का विषय बनी रही. दूसरी ही पारी में अकेले सारांश जैन ने 5 नो बॉल फेंकी, कोलंबो में खेले गए उस टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों ने कुल 12 नो बॉल डाली थी, जिसमें तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की एक नो बॉल को छोड़कर बाकी सभी स्पिनर्स की थी. अनुभवी रवींद्र जडेजा ने कुल 4 नो बॉल डाली. पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इसकी कड़ी आलोचना की है. ‘मिड-डे’ के लिए अपने कॉलम में गावस्कर ने यहां तक सुझाव दिया कि खिलाड़ी और भारत के गेंदबाजी कोच पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए.
कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में सारांश जैन ने 2 और रवींद्र जडेजा ने 3 नो बॉल फेंकी थी. दूसरी पारी में सारांश ने 5, जडेजा और मानव सुथार ने 1-1 नो बॉल फेंकी. इस टेस्ट के बाद भारतीय गेंदबाज इसलिए भी निशाने पर रहे क्योंकि आखिरी दिन वे श्रीलंका के निचले क्रम के बल्लेबाजों के विकेट नहीं ले सके, जिससे ये टेस्ट ड्रा हो गया. जडेजा ने 2021 से अब तक 85 से अधिक नो-बॉल फेंकी हैं. भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच सायराज बहुतुले ने मजाक में सुझाव दिया कि टेस्ट में भी फ्री हिट होना चाहिए. सुनील गावस्कर इस पर नाराज हो गए, उनका मानना है कि इससे बल्लेबाजों के लिए रन बनाना और आसान हो जाएगा.
गावस्कर ने लिखा, “भारतीय गेंदबाजों के लगातार नो बॉल फेंकने की चर्चा हो रही है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरुरत है. इससे खेल का रुख बदल सकता है. खिलाड़ियों के नियंत्रण में रहने वाले बहुत कम फ्लू हैं, जिसमें बल्लेबाजों का गार्ड लेना और गेंदबाजों का नो बॉल न फेंकना शामिल है. आज जब टेप उपलब्ध होती है, जो रन-अप को मापने के लिए होती है तो ऐसे में ओवरस्टेपिंग का कोई बहाना नहीं होना चाहिए.”
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उन्होंने भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाजी कोच की बात को लेकर लिखा, “उन्होंने मजाक में कहा कि फ्री हिट का नियम टेस्ट में भी हो, इससे इस गलती को रोकने में मदद मिलेगी. इससे बल्लेबाजों के लिए रन बनाना और आसान न बनाएं. रन बनाना छोटी बॉउंड्री और एक ओवर में 2 बाउंसर की संख्या सिमित होने के बाद पहले ही आसान हो गया है.”
गावस्कर ने दिया ये सुझाव
उन्होंने आगे लिखा, “क्यों न जुर्माना हर बार नियम तोड़ने पर दोगुना कर दिया जाए. बॉलिंग कोच पर भी जुर्माने की आधी रकम लगाई जाए. जुर्माने के पैसों को खिलाड़ियों के अंतिम डिनर के लिए किया जा सकता है.”
सुनील गावस्कर ने आगे लिखा, “जुर्माने दूसरे तरह के भी लगाए जा सकते हैं, जैसे थ्रो के लिए बैक-अप न लेना. इस पर वोटिंग के जरिए पूरी टीम की राय ली जा सकती है. यह मजेदार होने के साथ इससे टीम के बीच आपसी तालमेल और भी बेहतर हो सकता है.”
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