बिजली पर बांग्लादेश ने क्यों चीन को दिए ज्यादा पैसे? भारत से मिल रही थी सस्ती

972af4a7d593443dac4e6493c683d91517883256481141379 original


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • बांग्लादेश बिजली संकट में है, भारत से सस्ती बिजली लेता है.
  • भारत ने बिजली पर मामूली शुल्क माँगा, बांग्लादेश ने आपत्ति की.
  • बांग्लादेश चीन से दोगुनी से अधिक दाम पर बिजली लेगा.
  • कचरा निपटान हेतु चीन परियोजना का समर्थन किया गया है.

बांग्लादेश इस वक्त गंभीर बिजली संकट, विदेशी मुद्रा की कमी और लगातार होते पावर कट (लोड शेडिंग) का सामना कर रहा है. बांग्लादेश को भारत से सस्ती बिजली मिलती है, लेकिन अब जब हाल ही में भारत ने एक बहुत ही मामूली टैक्स की मांग की, तो बांग्लादेश ने इस पर आपत्ति जताई. वहीं, चीन को दोगुनी से भी ज्यादा कीमत पर बिजली का भुगतान करने के लिए तैयार हो गया.

भारत को 1 पैसा देने पर आपत्ति

भारत, बांग्लादेश को लगभग 11 टका (करीब 8.50 रुपये) प्रति यूनिट की दर से बड़ी मात्रा में बिजली की सप्लाई करता है.

हाल ही में भारत के केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) ने सीमा-पार बिजली लेनदेन के प्रबंधन, ग्रिड संचालन, शेड्यूलिंग और मीटरिंग खर्चों को कवर करने के लिए 0.01 रुपये (1 पैसा) प्रति यूनिट का सेटलमेंट नोडल एजेंसी (SNA) शुल्क का प्रस्ताव दिया था या आसान भाषा में कहे तो भारत ने इस पर ग्रिड को संभालने के लिए सिर्फ 0.01 रुपये (1 पैसा) का सर्विस चार्ज मांगा था.

बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) ने इस अतिरिक्त मामूली शुल्क पर कड़ी आपत्ति जताई. इसके बाद भारत ने इस शुल्क को आधा करके 0.005 रुपये (आधा पैसा) प्रति यूनिट कर दिया. 

चीन पर मेहरबानी

दूसरी तरफ, बांग्लादेश में तारिक रहमान की सरकार ढाका के पास अमीनबाजार में कचरे से बिजली बनाने का एक नया प्रोजेक्ट लगा रही है। इसके लिए सरकार चीनी कंपनी को 25 टका (करीब 19.25 रुपये) प्रति यूनिट देने को राजी हो गई है. चीन की यह कीमत (25 टका), भारत से मिलने वाली बिजली की कीमत (11 टका) से 127% यानी दोगुनी से भी ज्यादा है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश का कहना है कि यह चीन वाला प्रोजेक्ट सिर्फ बिजली के लिए नहीं है. इसका असली मकसद ढाका शहर के कचरे की समस्या को दूर करना है. यह प्रोजेक्ट सिर्फ 42 मेगावाट का है इसलिए यह भारत से आने वाली बिजली की जगह नहीं ले सकता. हालांकि, सवाल अब भी उठ रहे हैं कि जब बांग्लादेश को भारत के ‘आधे पैसे’ के चार्ज पर आपत्ति, तो वह चीन को इतनी महंगी बिजली देने के लिए तुरंत कैसे मान सकता है? 

ये भी पढ़ें:

पछताएगा अमेरिका…ईरान की धमकी से फिर भड़की चिंगारी, भारत के लिए कितना खतरा? 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *