
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर जल्दबाजी में खाना खा लेते हैं. जब हम खाना जल्दी-जल्दी निगलते हैं, तो उसे ठीक से चबाया नहीं जाता. खाने को अच्छी तरह चबाना पाचन क्रिया का पहला और सबसे जरूरी कदम है, क्योंकि मुंह में मौजूद लार खाने को तोड़ने में मदद करती है. अगर खाना बिना ठीक से चबाए पेट में चला जाता है, तो पेट को उसे पचाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे गैस और भारीपन जैसी दिक्कतें होने लगती हैं.

बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे खाना खाते समय बीच-बीच में या खाने के तुरंत बाद खूब पानी पी लेते हैं. ऐसा करने से पेट में मौजूद पाचन रस पतले हो जाते हैं, जिससे खाना ठीक तरह से नहीं पच पाता. इसका नतीजा गैस और अपच के रूप में सामने आता है. बेहतर होगा कि खाने से करीब आधा घंटा पहले या खाने के करीब एक घंटे बाद पानी पिया जाए, ताकि पाचन क्रिया सही तरीके से चल सके.

खाना खाने के फौरन बाद बिस्तर पर लेट जाना या सो जाना भी गैस बनने की एक बड़ी वजह है. लेटने से पेट में मौजूद खाना और एसिड ऊपर की तरफ आने लगते हैं, जिससे पेट फूलना, गैस और सीने में जलन जैसी समस्या होती है. खाने के बाद कम से कम 20 से 30 मिनट तक सीधे बैठना या हल्की टहलना पाचन के लिए बेहतर माना जाता है.

बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार या ऑयली खाना पचने में समय लेता है और पेट पर ज्यादा दबाव डालता है. ऐसा खाना ज्यादा मात्रा में खाने से पेट में गैस बनने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा राजमा, छोले, पत्तागोभी जैसी कुछ सब्जियां और दालें भी नैचुरल रूप से गैस बनाने वाली मानी जाती हैं, इसलिए इन्हें सही मात्रा में और सही तरीके से पकाकर खाना जरूरी है.

खाना खाते समय बहुत ज्यादा बातें करना, जल्दी-जल्दी सांस लेना या स्ट्रॉ से पीना जैसी आदतें भी पेट में हवा भर देती हैं. इस निगली हुई हवा की वजह से भी पेट फूलने और गैस बनने की समस्या हो सकती है. इसलिए खाना खाते समय शांति से, आराम से और कम बात करते हुए खाना बेहतर रहता है.

अगर आप इन पांच आदतों में सुधार कर लें, यानी खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं, खाने के बीच में ज्यादा पानी न पिएं, खाने के तुरंत बाद न लेटें, भारी और तला-भुना खाना कम करें, और शांति से खाना खाने की आदत डालें, तो गैस और पेट फूलने की समस्या में काफी राहत मिल सकती है. फिर भी अगर यह दिक्कत बार-बार हो रही है या ज्यादा गंभीर लग रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें, क्योंकि कई बार यह किसी और अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकती है.
Published at : 19 Jul 2026 09:29 PM (IST)