- आज 5 सितंबर को देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं.
- ये कीमतें 25 मई से अपरिवर्तित हैं, आखिरी बढ़ोतरी के बाद.
- अमेरिकी-ईरान तनाव से ब्रेंट क्रूड $95-$96 प्रति बैरल पहुंचा.
- उच्च कच्चे तेल से भविष्य में कीमतें बढ़ सकती हैं, विशेषज्ञ राय.
आज 5 सितंबर 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) हर रोज सुबह 6 बजे ईंधन की कीमतें अपडेट करती हैं और आज इनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पेट्रोल और डीजल की कीमतें 25 मई से स्थिर बनी हुई. उस दौरान तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी.
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.31 रुपये | 97.97 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये | 99.82 रुपये |
| चेन्नई | 107.78 रुपये | 99.56 रुपये |
| हैदराबाद | 115.69 रुपये | 103.82 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
| पोर्ट ब्लेयर | 88.66 रुपये | 84.56 रुपये |
| रायपुर | 108.30 रुपये | 101.32 रुपये |
| उदयपुर | 112.95 रुपये | 98.50 रुपये |
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
अमेरिका-ईरान के बीच अभी भी टेंशन का माहौल बना हुआ है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के जरिए कच्चे तेल की सप्लाई रुकने की आशंका भी बनी हुई है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 95–96 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है.
आज ब्रेंट क्रूड 95.66 से 96.05 डॉल्र प्रति बैरल के बीच कारोबार कर रहा है. इस हफ्ते इसकी कीमतों में अब तक लगभग 7% से अधिक की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई है.
वहीं, अमेरिकी बाजार का बेंचमार्क WTI क्रूड 91.17 से 91.56 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है. इसमें भी इस सप्ताह करीब 9.8% की जोरदार तेजी देखी गई है.
क्या पेट्रोल-डीजल के बढ़ेंगे रेट?
वैश्विक बाजारों में इतनी बड़ी तेजी के बावजूद भारत की सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने खुदरा कीमतों में कोई बदलाव न करते हुए इसे स्थिर रखा है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय तेल कंपनियां 85 से 90 डॉलर प्रति बैरल तक के कच्चे तेल के दाम को बर्दाश्त कर सकती हैं, लेकिन अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक 95 से 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के ऊपर बनी रहती हैं, तो हो सकता है कि आने वाले दिनों में तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कुछ बढ़ोतरी करें ताकि उनका कुछ मुनाफा (refining margins) को बचाने में मदद मिले.
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