क्या रोहित शर्मा की वजह से BCCI की मीटिंग में नहीं आए अजीत अगरकर? उठ रहे कई बड़े सवाल

8eb140c60b40f0f87a9dec63a43ad9931788496515016975 original


बीसीसीआई की रिव्यू मीटिंग में भारतीय क्रिकेट से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन इस बैठक से ज्यादा चर्चा अब एक ऐसे शख्स की गैर-मौजूदगी की हो रही है, जिसकी मौजूदगी बेहद अहम मानी जा रही थी. भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर इस रिव्यू मीटिंग में शामिल नहीं हुए. सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि अगरकर मीटिंग में क्यों नहीं पहुंचे, बल्कि यह भी है कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी बैठक का हिस्सा क्यों नहीं बन सके?

अगरकर की गैर-मौजूदगी को लेकर बीसीसीआई की तरफ से वजह जरूर बताई गई है, लेकिन इस स्पष्टीकरण के बाद सवाल खत्म होने के बजाय और बढ़ते दिखाई दे रहे हैं.

अगरकर क्यों नहीं आए? देवजीत सैकिया ने बताई वजह

अजीत अगरकर के रिव्यू मीटिंग में शामिल नहीं होने को लेकर जब बीसीसीआई से सवाल किया गया तो बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया की तरफ से इसकी वजह बताई गई. उनके मुताबिक अगरकर उस समय ऐसी लोकेशन पर मौजूद नहीं थे, जहां से वह बैठक में शामिल हो पाते. 
अगरकर व्यक्तिगत तौर पर बैठक के लिए उपलब्ध नहीं थे और जिस जगह पर वह मौजूद थे, वहां इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या होने के कारण वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी मीटिंग से नहीं जुड़ सके. इसके अलावा यह भी कहा गया कि बैठक शॉर्ट नोटिस पर बुलाई गई थी, जिसकी वजह से अगरकर के लिए इसमें शामिल होना संभव नहीं हो पाया. बीसीसीआई की तरफ से स्पष्टीकरण तो आ गया, लेकिन यही स्पष्टीकरण कई नए सवाल भी खड़े करता है.

मुंबई में रहने वाले अगरकर मीटिंग तक क्यों नहीं पहुंच पाए?

अजीत अगरकर मुंबई के रहने वाले हैं और बैठक भी मुंबई में हुई. ऐसे में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि भारतीय टीम के चीफ सेलेक्टर आखिर इतनी महत्वपूर्ण रिव्यू मीटिंग के लिए उपलब्ध क्यों नहीं हो सके? यह बैठक भारतीय क्रिकेट के हालिया प्रदर्शन की समीक्षा के लिए बेहद अहम थी. इसमें टीम के प्रदर्शन से लेकर आगे की रणनीति तक कई मुद्दों पर बातचीत होनी थी. ऐसे में चीफ सेलेक्टर का बैठक में मौजूद न होना अपने आप में बड़ी बात है.

इसके अलावा मीटिंग को लेकर चर्चा अचानक सिर्फ कुछ घंटे पहले शुरू नहीं हुई थी. बैठक होने की जानकारी पहले से सामने आ रही थी. ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि अगरकर की ऐसी क्या व्यस्तता थी, जिसके चलते वह व्यक्तिगत तौर पर नहीं आ सके और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ने की स्थिति में भी नहीं थे?

आज के दौर में इंटरनेट कनेक्टिविटी लगभग हर जगह उपलब्ध है. ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि अगरकर आखिर ऐसी कौन-सी जगह मौजूद थे जहां से उनके लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ना भी संभव नहीं था?

क्या रोहित शर्मा का मुद्दा है असली वजह?

अगरकर की गैर-मौजूदगी को सिर्फ संयोग मान लिया जाए तो मामला यहीं खत्म हो जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय में रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर जो घटनाक्रम सामने आया है, उसके कारण इस मामले को एक अलग नजरिए से भी देखा जा रहा है. सूत्रों के हवाले से ऐसी चर्चाएं रही हैं कि चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर रोहित शर्मा को लंबे समय तक आगे जारी रखने के पक्ष में नहीं हैं. खासतौर पर 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए चयन समिति भविष्य की टीम तैयार करना चाहती है.

अगरकर के सामने सवाल सिर्फ रोहित शर्मा की मौजूदा फॉर्म या काबिलियत का नहीं है. रोहित भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े खिलाड़ियों में शामिल हैं, लेकिन चयन समिति को भविष्य, उम्र और अगले विश्व कप तक की योजना को भी ध्यान में रखना होगा. इसी वजह से रोहित के भविष्य को लेकर अगरकर और चयन समिति के रुख की लगातार चर्चा होती रही है.

क्या अगरकर और रोहित के बीच हो चुकी थी बातचीत?

सूत्रों के मुताबिक अजीत अगरकर और रोहित शर्मा के बीच उनके भविष्य को लेकर बातचीत भी हुई थी. चर्चा यहां तक रही कि रोहित शुरुआत में इस फैसले से खुश नहीं थे, लेकिन बाद में इस बात पर सहमत हो गए थे कि लॉर्ड्स के बाद वह अपने भविष्य को लेकर बड़ा फैसला कर सकते हैं. हालांकि इसके बाद घटनाक्रम में अचानक बदलाव दिखाई दिया.

इंग्लैंड दौरे के दौरान ही बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की तरफ से रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर सामने आ रही खबरों पर प्रतिक्रिया दी गई. बोर्ड की तरफ से साफ किया गया कि रोहित को लेकर चल रही संन्यास संबंधी चर्चाओं में कोई सच्चाई नहीं है और वह अब भी भारतीय क्रिकेट के महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं. यहीं से सवाल पैदा होता है कि क्या बोर्ड का यह हस्तक्षेप चयन समिति के रुख से अलग था?

क्या BCCI के दखल से नाराज हैं अगरकर?

अजीत अगरकर जब भारतीय टीम के चीफ सेलेक्टर बने थे, तब से यह माना जाता रहा है कि चयन संबंधी मामलों में वह स्पष्ट सोच और पर्याप्त स्वतंत्रता चाहते हैं. टीम चुनने से लेकर खिलाड़ियों के भविष्य पर फैसला करने तक चयन समिति का अपना अधिकार क्षेत्र होता है. लेकिन अगर रोहित शर्मा को लेकर चयन समिति ने कोई दिशा तय कर ली थी और उसके बाद बीसीसीआई के शीर्ष स्तर से अलग संदेश गया, तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठेंगे कि क्या इससे चयन समिति और बोर्ड के बीच मतभेद पैदा हुआ.वहीं घटनाक्रम की टाइमिंग इस मामले को दिलचस्प जरूर बनाती है.

अगर चयन समिति रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अलग सोच रखती है और बोर्ड चाहता है कि रोहित को अभी जारी रखा जाए, तो यह भारतीय क्रिकेट के दो महत्वपूर्ण पावर सेंटर्स के बीच मतभेद का संकेत हो सकता है.

चीफ सेलेक्टर का रिव्यू मीटिंग में नहीं होना क्यों है बड़ी बात?

यह कोई सामान्य बैठक नहीं थी. भारतीय टीम के प्रदर्शन का रिव्यू किया जाना था और आगे की रणनीति पर चर्चा होनी थी. ऐसी बैठक में हेड कोच और बीसीसीआई अधिकारियों के साथ चीफ सेलेक्टर की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होती है. आखिर टीम चुनने की जिम्मेदारी चयन समिति की है. टीम में कौन रहेगा, किस खिलाड़ी को बाहर किया जाएगा, किन युवा खिलाड़ियों को मौका मिलेगा और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम किस दिशा में आगे बढ़ेगी. इन तमाम फैसलों में चीफ सेलेक्टर की अहम भूमिका होती है.

ऐसे में जिस मीटिंग में भारतीय टीम के प्रदर्शन और भविष्य की समीक्षा की जा रही हो, उसी बैठक में चीफ सेलेक्टर का मौजूद न होना सवाल खड़े करता है. अगरकर का कोई दूसरा कार्यक्रम था तो क्या वह इस बैठक से ज्यादा महत्वपूर्ण था? अगर वह मुंबई से बाहर थे तो क्या मीटिंग की जानकारी उन्हें पर्याप्त समय पहले नहीं दी गई थी? अगर व्यक्तिगत रूप से पहुंचना संभव नहीं था तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ने का कोई दूसरा इंतजाम क्यों नहीं हो पाया?  इन सवालों के स्पष्ट जवाब फिलहाल सामने नहीं आए हैं.

इंटरनेट कनेक्टिविटी वाली वजह पर भी सवाल

बीसीसीआई की तरफ से अगरकर के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नहीं जुड़ पाने की जो वजह सामने आई, वह भी चर्चा का विषय बन गई है. आज जब दुनिया के लगभग किसी भी हिस्से से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल होना सामान्य बात है, तब भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर का इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण इतनी अहम बैठक में शामिल नहीं हो पाना असामान्य जरूर लगता है.

यह संभव है कि अगरकर वास्तव में ऐसी जगह मौजूद रहे हों जहां नेटवर्क की समस्या रही हो. बोर्ड की तरफ से भी यही आधिकारिक वजह बताई गई है. लेकिन भारतीय क्रिकेट में चल रहे मौजूदा घटनाक्रम के कारण उनकी अनुपस्थिति को सिर्फ तकनीकी समस्या मानकर नजरअंदाज करना भी आसान नहीं है.

रोहित का भविष्य भारतीय क्रिकेट का बड़ा सवाल

पूरे मामले के केंद्र में एक बार फिर रोहित शर्मा का भविष्य दिखाई देता है. सवाल यह है कि भारतीय टीम उन्हें 2027 वनडे विश्व कप तक अपनी योजनाओं में रखेगी या आने वाले समय में नई पीढ़ी की तरफ बढ़ेगी? अगरकर के नेतृत्व वाली चयन समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि उसे वर्तमान और भविष्य के बीच संतुलन बनाना है.

रोहित का अनुभव, उनका रिकॉर्ड और बड़े मुकाबलों में उनकी अहमियत किसी से छिपी नहीं है. दूसरी तरफ 2027 विश्व कप तक उनकी उम्र भी चयनकर्ताओं की योजना में एक महत्वपूर्ण पहलू होगी.
ऐसे में यदि चयन समिति और बीसीसीआई नेतृत्व की सोच इस मुद्दे पर अलग-अलग है, तो आने वाले समय में यह भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक बन सकती है.

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि अगरकर की रिव्यू मीटिंग से गैर-मौजूदगी के पीछे रोहित शर्मा का मामला ही था. आधिकारिक तौर पर बीसीसीआई ने उनकी अनुपस्थिति की वजह शॉर्ट नोटिस, उनकी लोकेशन और इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या बताई है. लेकिन घटनाक्रम और टाइमिंग ने सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.

सबसे बड़ा सवाल यही है—भारतीय टीम के चीफ सेलेक्टर इतनी अहम रिव्यू मीटिंग में क्यों नहीं थे? और क्या यह महज परिस्थितियों की वजह से हुआ, या भारतीय क्रिकेट में पर्दे के पीछे किसी बड़े मतभेद की शुरुआत हो चुकी है? इन सवालों का वास्तविक जवाब शायद आने वाले दिनों में ही सामने आएगा.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *