2019 में पाकिस्तान के एफ 16 लड़ाकू विमान को मार गिराने के बाद पूरी दुनिया में चर्चा में आए भारतीय वायु सेना के पूर्व फाइटर पायलट अभिनंदन वर्धमान अब अपने करियर की नई पारी शुरू कर चुके हैं. 22 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने वाले पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र से सम्मानित अभिनंदन ने 31 मार्च 2026 को समय से पहले रिटायरमेंट लिया और अब गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 के कमर्शियल पायलट के तौर पर जुड़ गए हैं.
अगस्त 2026 में FLY91 से जुड़ने के बाद अभिनंदन फिलहाल कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ले रहे हैं. फाइटर जेट के कॉकपिट से एयरलाइंस के कॉकपिट तक का यह बदलाव उनके करियर का एक बड़ा मोड़ रहा है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कमर्शियल पायलट या फाइटर पायलट किसकी सैलरी ज्यादा होती है.
कैसे तय होती है एयरफोर्स पायलट की सैलरी?
एयरफोर्स पायलट की सैलरी एक्सपीरियंस और जिम्मेदारी के आधार पर तय होती है. इसमें अलग-अलग भत्ते भी शामिल होते हैं. वहीं करियर की शुरुआत में सैलरी इसमें कम होती है, लेकिन एक्सपीरियंस बढ़ने के साथ इसमें सैलरी में लगातार बढ़ोतरी होती रहती है.
IAF में ग्रुप कैप्टन की कितनी होती है सैलरी?
भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन का एक वरिष्ठ अधिकारी का पद होता है. इस पद पर अधिकारियों को हर महीने करीब 1,30,600 रुपये से 2,15,900 तक सैलरी मिलती है. हालांकि, एयरफोर्स अधिकारी की कमाई केवल बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं होती. पद, एक्सपीरियंस और जिम्मेदारियों के आधार पर अलग-अलग भत्ते भी इसमें मिलते हैं. इनमें महंगाई भत्ता, मकान या HRA ट्रांसपोर्ट और दूसरे भत्ते शामिल हैं. इसके अलावा मेडिकल सुविधा पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े दूसरे लाभ भी इसमें मिलते हैं.
कैसी होती है कमर्शियल पायलट की सैलरी?
वहीं, एयरफोर्स के विपरीत कमर्शियल पायलट की सैलरी इस बात पर निर्भर करती है कि वह किस एयरलाइन में काम कर रहा है. इसके अलावा उसने कितने फ्लाइंग ऑवर पूरे कर लिए हैं और उसका पद क्या है. इन चीजों के आधार पर कमर्शियल पायलट की सैलरी अलग-अलग होती है.
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कमर्शियल पायलट की शुरुआती सैलरी
कमर्शियल एविएशन में पायलट की कमाई उसके पद और एक्सपीरियंस के अनुसार बढ़ती जाती है. एयरलाइन में शामिल होने के बाद पायलट को शुरुआत में ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है. इस दौरान आमतौर पर 63,000 से 65,000 प्रतिमाह तक सैलरी मिलती है. ट्रेनिंग के बाद जब पायलट जूनियर फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर काम शुरू करता है, तो उसकी महीने की सैलरी 1 लाख से डेढ़ लाख रुपये होती है. वहीं यह सैलरी अलग-अलग एयरलाइन के हिसाब से कम या ज्यादा भी हो सकती है. वहीं प्रमोशन के साथ ही कमर्शियल पायलट की सैलरी में भी बढ़ोतरी होती है.
कैप्टन बनने के बाद लाखों में पहुंचती है सैलरी
कमर्शियल पायलट के करियर में कैप्टन का पद महत्वपूर्ण माना जाता है. कैप्टन के पास विमान के साथ यात्रियों और पूरी उड़ान की जिम्मेदारी होती है. भारत में कई कैप्टन की महीने की सैलरी करीब 6 लाख से 12 लाख रुपये से भी ज्यादा होती है.
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