TATA केन्या में क्या बनाती है, 100 साल पुरानी फैक्ट्री पर ताला क्यों लगा?

d3af1770b84dee15a497c64d00753f8417885185272641435 original


टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा केमिकल्स लिमिटेड को केन्या में बड़ा झटका लगा है. राष्ट्रपति विलियम रूटो ने कंपनी को मागादी झील में अपना कामकाज बंद करने का आदेश दिया है. खास बात ये है कि इस जगह पर टाटा का कारोबार अभी से नहीं बल्कि पिछले 100 साल से चल रहा है. अब सवाल ये है कि आखिर केन्या ने इतनी पुरानी कंपनी के खिलाफ इतना बड़ा फैसला क्यों लिया और वहां टाटा क्या बनाती थी?

केन्या में क्या बनाती है TATA?
केन्या में टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा केमिकल्स मगाडी लिमिटेड का कारोबार है. इसका मुख्य काम मागादी झील इलाके से एक प्राकृतिक खनिज ट्रोना निकालना और उसे प्रोसेस करके सोडा ऐश यानी सोडियम कार्बोनेट बनाना है. सोडा ऐश का इस्तेमाल कांच, डिटर्जेंट, केमिकल और पानी की सफाई जैसे कामों में किया जाता है.

टाटा का ये कारोबार 1911 में मगाडी सोडा कंपनी के तौर पर शुरू हुआ था. बाद में 2005 में टाटा केमिकल्स ने इसे अपने अधीन ले लिया यानी इस कारोबार का इतिहास 100 साल से भी ज्यादा पुराना है.

सरकारी बैंक में नौकरी करने वाली लड़की ने बताई अपनी सैलरी, जानें कितना कमा रही?

बंद क्यों हुआ कारोबार?
दरअसल, ये मामला अचानक सामने नहीं आया है. केन्या के खनन मंत्रालय ने 28 जुलाई 2026 को टाटा केमिकल्स मगाडी के खनन ऑपरेशन को बंद कर दिया था. सरकार ने कंपनी से कई तरह के डॉक्यूमेंट्स की मांग भी की थी. केन्या सरकार की ओर से कंपनी पर कई सवाल उठाए गए. इनमें रॉयल्टी, एक्सपोर्ट रिपोर्टिंग, स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन, केन्याई लोगों को रोजगार और स्किल ट्रांसफर, लोकल सप्लायर्स से खरीद और पर्यावरण नियमों से जुड़े मुद्दे शामिल थे. 

केन्या के राष्ट्रपति ने क्या कहा?
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने इस पूरे मामले पर काफी सख्ती बरती है. उन्होंने कहा कि टाटा के पास करीब 100 साल का मौका था, लेकिन कंपनी ने काजियाडो इलाके में ऐसी बड़ी फैक्ट्री या इंडस्ट्री नहीं बनाई, जिससे वहां के लोगों को ज्यादा फायदा मिल सके. 

उन्होंने ये भी कहा कि सरकार अब ऐसी नई कंपनियां लाएगी जो यहां बड़ी ग्लास मैन्युफैक्चरिंग कंपनी और केमिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएंगी. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा.

TATA का क्या कहना है?
टाटा केमिकल्स ने केन्या सरकार के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है. कंपनी का कहना है कि उसने सरकार की ओर से मांगी गई जानकारी, रिपोर्ट और जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा कर दिए हैं. कंपनी का कहना है कि वो लागू नियमों का पालन कर रही है और सरकार के साथ मिलकर इस मामले को सुलझाने के लिए तैयार है. 

गणपति उत्सव से पहले बना लें कमाई का प्लान, इन बिजनेस की बढ़ती है डिमांड

कितनी बड़ी है टाटा की केन्या वाली यूनिट?
केन्या में टाटा की कोई छोटी-मोटी यूनिट नहीं है. टाटा केमिकल्स मगाडी हर साल 3.5 लाख टन से ज्यादा सोडा एश का एक्सपोर्ट करती है. इसे भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के दूसरे बाजारों में भेजा जाता है.

कंपनी का कहना है कि उसके कारोबार से करीब 500 कर्मचारी और उनके परिवार, साथ ही कॉन्ट्रैक्टर, सप्लायर, ट्रांसपोर्टर और दूसरे स्थानीय कारोबारी जुड़े हुए हैं. 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *