लॉर्ड्स टेस्ट में ऐतिहासिक जीत के बाद महिला टीम इंडिया ने जीत की नई इबारत लिख दी है. इस टेस्ट में युवा यास्तिका भाटिया और क्रांति गौड ने शानदार प्रदर्शन किया और लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट में टीम इंडिया को जीत दिलाई. लॉर्ड्स में टेस्ट जीत और वुमन वर्ल्ड कप में हार को लेकर एबीपी न्यूज़ कंसलटेंट रवीश बिष्ट ने पूर्व भारतीय खिलाड़ी रीमा मल्होत्रा से ख़ास बातचीत की.
सवाल – लॉर्ड्स में महिला टीम की ऐतिहासिक जीत को आप कैसे देखते हो ?
जवाब – भारतीय महिला टीम की जीत बहुत बड़ा पॉजिटिव है क्योंकि ख़राब टी20 वर्ल्ड कप के बाद जब लोगों की उम्मीद टूटती है तब लॉर्ड्स का टेस्ट मैच आता है, पहली बार हम लॉर्ड्स में टेस्ट खेलते हैं और आप वहां पे इंग्लैंड को इंग्लैंड में हराते है, इससे बड़ा पॉजिटिव क्या हो सकता है. आप हर फॉर्मेट में साबित कर रहे है कि आप उस फॉर्मेट के लिए बने हैं और जिस तरह से खिलाड़ियों ने कंडीशन के मुताबिक ख़ुद को ढाला वो काबिलेतारीफ़ है. हमारी टीम का स्किल लेवल औरों की तुलना में काफ़ी बेहतर है.
सवाल – जिस तरह से लॉर्ड्स में यास्तिका और क्रांति ने परफॉरमेंस दी आपको क्या लगता है इंडियन वुमन टीम का फ्यूचर काफ़ी ब्राइट है ?
जवाब – 100 प्रतिशत ! हमारी टीम का फ्यूचर बहुत ब्राइट है. आप हमेशा हरमन स्मृति की तरफ़ देखते हो लेकिन लॉर्ड्स में यास्तिका कमबैक कर रही थी. उनका वर्ल्ड कप अच्छा नहीं गया था. उसके बावजूद उन्होंने शतक लगाया. इसका श्रेय हरमन को भी जाता है क्योंकि उन्होंने यास्तिका के साथ ही जाना बेहतर समझा जबकि प्रिया पुनिया भी टीम में थी. यास्तिका तकनीकी रूप से बेहतर हैं और लॉर्ड्स में उनके अंदर भूख भी नज़र आई. लॉर्ड्स में पांच विकेट लेने वाली क्रांति को भी हमें बैक करना होगा. मैं हैरान थी कि टी20 में उनको सारे मैच नहीं खिलाए गए. झूलन गोस्वामी के बाद क्रांति सबसे तेज़ है तो उन्हें आप बेंच पर नहीं रख सकते.
सवाल- हम T20 वर्ल्ड कप क्यों हारे ? हमारे पास तो WPL जैसी लीग भी है ?
जवाब – वजह एक नहीं हैं लेकिन ख़राब फ़ील्डिंग बड़ी वजह है. हमें टी20 के लिए ख़ास खिलाड़ी तैयार करने होंगे. भारती फ़ुलमाली को एक मैच दिया गया. ऋचा घोष को सबसे कम गेंद मिली जबकि उनका स्ट्राइक रेट सबसे बेहतर है. यास्तिका को आपको ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी लिचफील्ड की तरह इस्तेमाल करना होगा. उन्हें भी शेफाली की तरह लाइसेंस देना होगा. बैटिंग ऑर्डर सही करना होगा और ऋचा को ऊपर खिलाना होगा. गेंदबाज़ भी सही रखने होंगे । लेग स्पिनर को प्लेइंग XI में जगह देनी होगी. ओवरऑल तीनों डिपार्टमेंट में काम करने की ज़रूरत है.
सवाल – क्या हमें T20 में पॉवर हीटर्स की ज़रूरत है ?
जवाब – ऋचा घोष जैसे पॉवर हिटर्स अगर मिल जाएं तो आपकी टीम काफ़ी मज़बूत हो जाएगी और भारतीय टीम ऐसा कर सकती है. टॉप में शेफाली इसके अलावा टॉप 4 में ऋचा और भारती फुलमाली को अगर आप खिलाएँगे तो ये टीम आपको बेहतर नज़र आएगी. श्वेता शेरावत और दीया यादव पर भी नज़रें रखिए इनके पास ताक़त भी है और टाइमिंग भी है. तो पावरहिटर्स को लाकर उन्हें बैक करना होगा क्योंकि उनके साथ हाई रिस्क भी रहता है.
सवाल – WPL जैसी महिला लीग होने के बाद भी हम T20 वर्ल्ड कप आजतक क्यों नहीं जीत पाए?
जवाब – देखिए ऑस्ट्रेलियन लीग को 18 साल हुए है जबकि भारतीय लीग को 4 साल ही हुए हैं. थोड़ा सा समय हमें भारतीय महिला टीम को देना होगा. जैस हमने वन डे क्रिकेट में धैर्य दिखाया वैसे ही टी 20 में भी दिखाना होगा. टी 20 में प्लेयर्स को तैयार करना और सही समय पर सेलेक्ट करना सही टीम बनाने का यही मूलमंत्र है.