अक्सर सोने का लोन लेते समय उसके बदले बैंक या लोन देने वाले कंपनी के पास गहने गिरवी रखने पड़ते हैं. ऐसे में अगर कर्ज चुकाने से पहले बैंक की कस्टडी में रखे गहने चोरी या गायब हो जाएं, तो यह सवाल उठता है कि नुकसान की भरपाई कौन करेगा और मुआवजा कैसे मिलेगा. हालांकि, इस मामले में बैंक की जिम्मेदारी और मुआवजे की रकम कई बातों पर निर्भर करता है.
गिरवी रखा सोना चोरी होने पर क्या करें?
अगर आपको पता चलता है कि आपके गिरवी रखे सोने चोरी हो गए हैं, तो तुरंत बैंक को इसके बारे में जानकारी दें. साथ ही बैंक से घटना की लिखित जानकारी और पुलिस में दर्ज शिकायत या FIR की कॉपी मांगे. बैंक के साथ हुई बातचीत और सभी डॉक्युमेंट्स को अपने पास सुरक्षित रखें. बातचीत के दौरान बैंक से लिखित तौर पर पूछें कि किस स्थिति में चोरी हुए और नुकसान की भरपाई के लिए क्या प्रोसेस अपनाई जा रही है.
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मुआवजा पाने के लिए रखें ये डॉक्युमेंट
सोना जमा करते समय मिले गिरवी रसीद, गोल्ड लोन एग्रीमेंट और गहनों की वैल्यूएशन रिपोर्ट जैसी डॉक्युमेंट को अपने पास संभाल कर रखें. इन डॉक्युमेंट के जरिए यह साबित किया जा सकता है कि बैंक के पास कौन-से गहने जमा किए गए थे और उनका वजन और कीमत कितनी थी. इसके अलावा उन सोने का फोटो और खरीदारी की बिल को भी महफूज रखें.
क्या बैंक को ब्याज समेत पैसा देना होगा?
आमतौर पर चोरी होने मुआवजे की रकम और उस पर ब्याज का फैसला मामले की परिस्थितियों, बैंक की जिम्मेदारी, अनुबंध, बीमा और लागू कानून के मुताबिक तय की जाती है. ऐसे में फिलहाल यह कहना सही नहीं है कि हर मामले में सोना की पूरी कीमत या ब्याज अपने आप मिल जाएगा.
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