How To Remove Musty Damp Smell From House: बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इसके साथ घर में नमी और सीलन की समस्या भी बढ़ जाती है. बारिश रुकने के बाद जब आप घर के किसी कमरे में जाते हैं और वहां गीले कपड़े या नम तौलिये जैसी अजीब सी गंध महसूस होती है, तो इसकी वजह सिर्फ बंद कमरा नहीं होती. लगातार बढ़ी हुई नमी, गीली सतहों और हवा का ठीक से आवागमन न होने के कारण घर में ऐसी बदबू टिकने लगती है. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान सावधानियों और सही देखभाल से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
बारिश के बाद घर में सीलन की बदबू क्यों आती है?
बारिश के दिनों में हवा में नमी काफी बढ़ जाती है. यह नमी दीवारों, कालीन, फर्नीचर और घर के दूसरे सामान में भी समा सकती है. जब घर के अंदर की सतहें लंबे समय तक नम रहती हैं, तो वहां फफूंद और मिल्ड्यू पनपने का खतरा बढ़ जाता है. इन्हीं की वजह से घर में एक खास तरह की बासी और सीलन भरी गंध आने लगती है. इसके अलावा, घर के आसपास जमा पानी, बंद नालियां, गीले कपड़े, जूते और छाते भी इस बदबू को बढ़ा सकते हैं. बारिश के दौरान खिड़कियां और दरवाजे लंबे समय तक बंद रखने से ताजी हवा अंदर नहीं आ पाती और पहले से मौजूद गंध कमरे में ही बनी रहती है.

घर में नमी को जमा न होने दें
सीलन की बदबू को दूर करने का सबसे जरूरी तरीका है कि नमी को ज्यादा देर तक टिकने न दिया जाए. बारिश के बाद घर की दीवारों, फर्श और दूसरी गीली सतहों को अच्छी तरह पोंछकर सुखाएं. अगर किसी दीवार या कोने में पानी रिसने की समस्या दिखाई दे रही है, तो उसे नजरअंदाज न करें. अलमारियों और ऐसे कोनों पर भी ध्यान दें जहां हवा कम पहुंचती है. जिन जगहों पर बार-बार नमी जमा होती है, वहां नमी सोखने वाले उत्पाद रखे जा सकते हैं. इससे बंद जगहों में अतिरिक्त नमी को कम करने में मदद मिल सकती है और सीलन की गंध बढ़ने की संभावना भी कम होती है.
बारिश रुकते ही घर में हवा आने दें
बारिश के दौरान खिड़कियां बंद रखना जरूरी हो सकता है, लेकिन बारिश रुकने के बाद घर को लंबे समय तक बंद न रखें. जब बाहर का मौसम ठीक हो, तो खिड़कियां और दरवाजे खोल दें ताकि ताजी हवा घर के अंदर आ सके. अगर घर में आमने-सामने की खिड़कियां या दरवाजे हैं, तो उन्हें खोलने से हवा का बेहतर प्रवाह हो सकता है. अच्छा वेंटिलेशन घर के अंदर जमा नमी को कम करने में मदद करता है. इससे फफूंद और मिल्ड्यू के बढ़ने की संभावना भी घटती है और धीरे-धीरे बासी गंध कम होने लगती है.

अगर किसी कमरे में हवा का आवागमन कम है और वहां नमी लगातार बनी रहती है, तो नमी कम करने वाली मशीन यानी डीह्यूमिडिफायर उपयोगी हो सकता है. यह हवा में मौजूद अतिरिक्त नमी को खींचने में मदद करता है. बारिश के मौसम में इसका इस्तेमाल घर के अंदर का वातावरण ज्यादा आरामदायक रखने और नमी से जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है.
घर के अंदर पौधे लगाते समय रखें ध्यान
कुछ पौधे घर के वातावरण को बेहतर बनाने और हवा में मौजूद नमी को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं. पीस लिली, फर्न और इंग्लिश आइवी जैसे पौधे घर की सजावट भी बढ़ाते हैं. हालांकि सिर्फ पौधे रखने से सीलन की समस्या खत्म नहीं होगी. अगर घर में नमी बहुत ज्यादा है, तो उसके मुख्य कारण जैसे रिसाव और खराब वेंटिलेशन को ठीक करना भी जरूरी है.
बदबू कम करने के लिए आजमाएं ये घरेलू तरीके
अगर कमरे में सीलन की गंध बनी हुई है, तो सफेद सिरके को एक खुले कटोरे में रखकर कुछ समय के लिए कमरे में रखा जा सकता है. यह बंद कमरों और बाथरूम जैसी जगहों में मौजूद बासी गंध को कम करने में मदद कर सकता है. इसी तरह कालीन या कपड़े के सोफे जैसी सतहों पर बेकिंग सोडा छिड़ककर करीब 30 मिनट के लिए छोड़ सकते हैं. इसके बाद उसे अच्छी तरह वैक्यूम कर दें. इन तरीकों का इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि जिस जगह पर सफाई की जा रही है, वहां नमी या फफूंद की असली समस्या तो नहीं है. सिर्फ बदबू को दबाने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती.
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गीले कपड़े और जूते घर में न छोड़ें
बारिश के मौसम में गीले कपड़े, जूते और छाते घर के अंदर रखने से नमी तेजी से बढ़ सकती है. कोशिश करें कि कपड़ों को अच्छी तरह हवा वाली जगह पर सुखाया जाए. अगर बाहर सुखाना संभव न हो, तो उन्हें ऐसे कमरे में रखें जहां पर्याप्त हवा आती-जाती हो. गीले जूतों और छातों को भी इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह सुखाना जरूरी है, वरना उनकी नमी पूरे कमरे में सीलन जैसी गंध फैला सकती है.
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