CJP Protest: सीजेआई आंदोलन के बाद दिल्ली में व्यापार ठप, CTI ने PM मोदी को लिखा पत्र, क्या-क्या मांग की?

6e25addb902852138d47e021970e6ecc1784903483282940 original


CTI Letter to PM Modi: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी की ओर से लगातार हो रहे बड़े धरना-प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के कारण राजधानी का कारोबार बुरी तरह प्रभावित होने का दावा किया गया है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजते हुए जल्द समाधान की मांग की है.

संगठन का कहना है कि बाजारों में ग्राहकों की संख्या तेजी से घटी है, कारोबार प्रभावित हुआ है और व्यापारियों के साथ होटल, रेस्टोरेंट और सेवा क्षेत्र पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है.

PM मोदी को पत्र लिखकर जल्द समाधान की मांग

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में कहा है कि दिल्ली में चल रहे धरना-प्रदर्शनों का सीधा असर व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. संगठन के अनुसार राजधानी में प्रतिदिन होने वाले लगभग 500 करोड़ रुपये के कारोबार में करीब 70 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की जा रही है. सीटीआई ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत कर जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया है.

Flipkart News: ऑर्डर किया सवा लाख का iPhone, निकला दाढ़ी बढ़ाने का तेल, कोर्ट ने फ्लिपकार्ट पर ठोका भारी जुर्माना

5 दिनों में 1500 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान होने का दावा

सीटीआई की ओर से प्रमुख बाजारों, होटल और रेस्टोरेंट से जुटाई गई जानकारी के आधार पर दावा किया गया है कि पिछले पांच दिनों के दौरान दिल्ली में लगभग 1500 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है. संगठन का कहना है कि इस अवधि में बाजारों, होटल और रेस्टोरेंट में ग्राहकों की आवाजाही करीब 70 प्रतिशत तक घट गई है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं.

बाहरी राज्यों से आने वाले ग्राहकों की संख्या भी घटी

संगठन के मुताबिक सामान्य दिनों में दिल्ली के बाजारों में खरीदारी के लिए रोजाना करीब तीन लाख लोग बाहर से आते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उनकी संख्या में भारी कमी आई है. इसका असर थोक और खुदरा दोनों तरह के कारोबार पर पड़ रहा है.

16 मेट्रो स्टेशन बंद होने और जाम से बढ़ी परेशानी

CTI ने कहा कि सुरक्षा कारणों से 16 मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. वहीं जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति के कारण ग्राहक बाजारों तक पहुंचने से बच रहे हैं. इसका सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है.

व्यापारियों का राष्ट्रीय सम्मेलन भी करना पड़ा स्थगित

धरना-प्रदर्शनों और यातायात बाधित होने के कारण CTI को अपना प्रस्तावित व्यापारी सम्मेलन भी स्थगित करना पड़ा है. यह सम्मेलन 25 जुलाई को NDMC कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होना था, जिसमें देशभर से 2000 से अधिक व्यापारियों के शामिल होने की उम्मीद थी.

Income Tax Notice: मृत व्यक्ति के घर भेज दिया इनकम टैक्स का नोटिस, हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा और अहम फैसला

लोकतंत्र का सम्मान, लेकिन व्यापार भी बचना चाहिए : बृजेश गोयल

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि दिल्ली देश का सबसे बड़ा कारोबारी केंद्र है, जहां रोजाना लाखों लोगों का आवागमन होता है. उनका कहना है कि पिछले पांच दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन और मेट्रो स्टेशनों के बंद होने के कारण करीब 15 लाख व्यापारियों और 10 लाख MSME इकाइयों का काम प्रभावित हुआ है.

उन्होंने कहा कि संगठन लोकतंत्र और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन केंद्र सरकार को बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकालना चाहिए ताकि व्यापार, पर्यटन और रोजगार पर पड़ रहे असर को कम किया जा सके.

CTI ने सरकार के सामने रखीं दो प्रमुख मांगें

CTI ने केंद्र सरकार से दो प्रमुख मांगें रखी हैं. पहली, प्रदर्शनकारियों से तत्काल बातचीत कर जंतर-मंतर पर चल रहे धरने का जल्द समाधान निकाला जाए ताकि सामान्य गतिविधियां बहाल हो सकें. दूसरी, जंतर-मंतर और प्रमुख सरकारी तथा व्यावसायिक क्षेत्रों में एक हजार से अधिक लोगों के प्रदर्शन पर रोक लगे तथा बाहरी दिल्ली में धरना-प्रदर्शनों के लिए एक स्थायी स्थल विकसित किया जाए.

संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेकर राजधानी के व्यापारियों, कारोबारी प्रतिष्ठानों और आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *