- श्रम मंत्रालय EPFO के तहत नई यूनिवर्सल पेंशन योजना लाएगा.
- शुरुआती रिटायरमेंट में ज्यादा पेंशन, बाद में इसे घटा सकेंगे.
- बची हुई राशि EPFO में ब्याज सहित सुरक्षित रखी जाएगी.
- यह स्कीम मौजूदा पारंपरिक पेंशन से अधिक लचीली और बेहतर होगी.
श्रम मंत्रालय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत एक नई यूनिवर्सल पेंशन स्कीम (Universal Pension Scheme) लाने की तैयारी में है. इस स्कीम के तहत, सब्सक्राइबर्स रिटायरमेंट के शुरुआती सालों में अपनी बचत का कुछ हिस्सा निकालकर ज़्यादा पेंशन ले सकेंगे और बाद में पेंशन की रकम कम कर सकेंगे, ताकि बची हुई रकम पर ब्याज मिलता रहे.
आमतौर पर रिटायरमेंट के तुरंत बाद पैसों की तुरंत जरूरत पड़ती है. मेडिकल ट्रीटमेंट पर खर्च के अलावा पारिवारिक जिम्मेदारियां भी कई होती हैं जैसे कि बच्चों के हायर स्टडीज के लिए पैसे चाहिए होते हैं या शादी पर बड़े पैमाने पर खर्च होता है. इस दौरान सब्सक्राइबर अपने कुल जमा फंड (Corpus) से ज्यादा बड़ा हिस्सा निकाल सकेंगे. बाकी का जो पैसा रह जाएगा, वह EPFO के पास ही सुरक्षित रहेगा.
उस बची हुई रकम पर सरकार द्वारा तय वार्षिक ब्याज मिलता रहेगा, जिससे फंड पूरी तरह खत्म होने के बजाय बढ़ता रहेगा. इसमें उम्र बढ़ने के साथ जब वित्तीय आवश्यकताएं कम हो जाएंगी, तो सब्सक्राइबर अपनी मासिक पेंशन की राशि को कम कर सकेंगे ताकि उनका फंड लंबे समय या उम्र के आखिरी पड़ाव तक चलता रहे.
पारंपरिक पेंशन से यह क्यों बेहतर?
फिलहाल नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जैसी स्कीम्स में रिटायरमेंट के समय कम से कम 40% हिस्से से एन्युटी (Annuity) खरीदना अनिवार्य होता है, जिसका एक फिक्स्ड रिटर्न मिलता है और उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता. लेकिन EPFO की इस नई योजना में अनिवार्य एन्युटी के बजाय सब्सक्राइबर को अपने ही पैसों पर पूरा कंट्रोल देने का प्रस्ताव है.
आसान भाषा में कहें, तो जीवन अक्षय या NPS के तहत मिलने वाली एन्युटी में एक बार पैसा जमा करने के बाद आपका फंड लॉक हो जाता है. इस पर आपको महीने का एक फिक्स्ड अमाउंट मिलता रहता है. अगर रिटायरमेंट के बाद आपको अचानक से इमरजेंसी में ज्यादा पैसों की जरूरत पड़े तो आप फंड के रूप में जमा रकम को निकाल नहीं सकते हैं. वहीं यूनिवर्सल पेंशन स्कीम में आपका पैसा EPFO के पास आपके ही खाते में रहता है. आप अपनी जरूरत के हिसाब से सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) की तरह पैसा निकाल सकेंगे. इमरजेंसी के वक्त आप अपनी मासिक निकासी को बढ़ा सकते हैं या जरूरत पड़ने पर फंड से बड़ी रकम भी निकाल सकते हैं.
टैक्स को लेकर क्या होंगे नियम?
श्रम मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित यूनिवर्सल पेंशन स्कीम (EPFO 3.0) के लिए टैक्स के नियम मौजूदा EPFO मॉडल के समान रखने पर विचार किया जा रहा है. चूंकि यह योजना अभी ड्राफ्ट फेज में है इसलिए सरकार इसके अंतिम टैक्स नियमों को आधिकारिक लॉन्च के समय ही अधिसूचित करेगी.
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