Cholesterol Lowering Pill: कोलेस्ट्रॉल पर एम्स के डॉक्टर का बड़ा खुलासा! जानिए दिल को सुरक्षित रखने का सही तरीका

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PCSK9 Inhibitor Oral Tablet For Cholesterol: बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए अब तक स्टैटिन दवाओं को सबसे प्रभावी इलाज माना जाता रहा है, हालांकि, हर मरीज में ये दवाएं समान रूप से असर नहीं करतीं. खासकर जिन लोगों में हार्ट अटैक या अन्य हार्ट रोगों का खतरा ज्यादा होता है, उन्हें अतिरिक्त दवाओं की जरूरत पड़ती है. अब तक ऐसे मरीजों के लिए महंगे इंजेक्शन ही विकल्प थे, लेकिन अब एक नई गोली उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है.

अमेरिकी फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने लिपफेंड्रा नाम की नई दवा को मंजूरी दी है. यह रोजाना एक बार ली जाने वाली टैबलेट है, जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को 50 से 60 प्रतिशत तक कम करने में मदद कर सकती है. यह दवा PCSK9 इनहिबिटर वर्ग की है, जो स्टैटिन से अलग तरीके से काम करती है.

प्रोटीन को ब्लॉक करती है PCSK9

जहां स्टैटिन लिवर में कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया को धीमा करती हैं, वहीं लिपफेंड्रा शरीर में मौजूद PCSK9 प्रोटीन को ब्लॉक करती है. यह प्रोटीन सामान्य तौर पर बैड कोलेस्ट्रॉल रिसेप्टर्स को नष्ट कर देता है. जब यह रुक जाता है तो लिवर खून से ज्यादा मात्रा में बैड कोलेस्ट्रॉल निकालने लगता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर तेजी से घटता है. यह दवा खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है जिन्हें पहले हार्ट अटैक आ चुका है, एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग करानी पड़ी है या जिन्हें कोरोनरी आर्टरी डिजीज है. इसके अलावा, जिन लोगों का बैड कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा रहता है या जिनके परिवार में कम उम्र में हार्ट रोग का इतिहास है, उन्हें भी इससे लाभ मिल सकता है.

चर्बी जमा कर हार्ट रोग का खतरा बढ़ाते हैं

दिल्ली एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अंबुज रॉय के अनुसार, लिपफेंड्रा सिर्फ LDL ही नहीं घटाती, बल्कि ApoB नाम के प्रोटीन को भी लगभग 50 प्रतिशत तक कम करती है. ApoB उन कणों की संख्या बताता है जो आर्टरीज में चर्बी जमा कर हार्ट रोग का खतरा बढ़ाते हैं. भारतीयों में इसका स्तर पश्चिमी देशों की तुलना में अधिक पाया जाता है, इसलिए इसकी कमी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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हालांकि एक्सपर्ट  का कहना है कि स्टैटिन दवाएं अभी भी इलाज की पहली पसंद बनी रहेंगी, क्योंकि वे सस्ती हैं और कई वर्षों से उनकी प्रभावशीलता साबित हो चुकी है. जिन मरीजों में स्टैटिन असर नहीं करतीं या उनसे बुरे प्रभाव होते हैं, उनके लिए यह नई गोली बेहतर विकल्प बन सकती है. फिलहाल यह दवा LDL कम करने के आधार पर मंजूर हुई है. यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कितना कम करती है, इसे लेकर अभी अध्ययन जारी है.

इसको लेकर क्या करना जरूरी?

एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि 18 से 29 वर्ष की उम्र के बीच हर व्यक्ति को कम से कम एक बार अपना कोलेस्ट्रॉल जरूर जांचना चाहिए. वहीं डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा या परिवार में हार्ट रोग के लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच करानी चाहिए. दवाओं के साथ संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और धूम्रपान से दूरी भी स्वस्थ हार्ट के लिए बेहद जरूरी है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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