अब 12 महीने बिकेंगे सर्दी-गर्मी वाले सामान, FMCG कंपनियों का प्लान तैयार

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  • FMCG कंपनियों का मौसमी उत्पाद बेचने का पैटर्न बदल रहा है.
  • अनियमित मौसम के कारण अब वे साल भर बिक्री चाहते हैं.
  • एमामी, डाबर जैसे ब्रांड उत्पादों को अब सीजन-फ्री बना रहे.
  • यह बदलाव मांग का अनुमान लगाने, स्टॉक प्रबंधन हेतु जरूरी है.

FMCG कंपनियों का हमेशा से एक पैटर्न रहा है कि उनके कुछ खास प्रोडक्ट्स मौसम के हिसाब से लॉन्च किए जाते हैं या मार्केट में उतारे जाते हैं. मिसाल के तौर पर गर्मियां शुरू होते ही कई अलग-अलग ब्रांड्स के ग्लूकोज पाउडर, घमौरियों से राहत दिलाने के लिए prickly-heat पाउडर की बिक्री शुरू हो जाती है क्योंकि गर्मियों में इनकी ही डिमांड ज्यादा रहती है. वहीं, इम्यूनिटी बढ़ाने वाले दूसरे प्रोडक्ट्स सर्दियों में बिकते है, लेकिन अब यह पैटर्न बदल रहा है. 

साल भर बिकेंगे सीजनल प्रोडक्ट्स

दरअसल, मौसम में लगातार बदलाव व उतार-चढ़ाव को देखते हुए कंपनियां चाह रही हैं कि अब उनके प्रोडक्ट्स साल भर बिके. कभी गर्मियां लंबे समय तक चलती हैं, कभी मानसून का कोईअता-पता नहीं रहता है, कभी सर्दियां वक्त से पहले आ जा रही हैं, इनसे कंज्यूमर ब्रांड्स का सेल्स कैलेंडर प्रभावित हो रहा है, जो लंबे समय पहले ही तय कर लिया जाता है. इस चुनौती से निपटने के लिए अब कंपनियां  ‘सीजन-फ्री’ (De-seasonalise) पर फोकस कर रही हैं.

FY26 की सालाना रिपोर्ट और कंपनी की जानकारी के अनुसार, Emami, Dabur और Zydus Wellness जैसी दिग्गज कंपनियां अपने सीजनल ब्रांड्स के दायरे को इस तरह से बढ़ा रही हैं ताकि उनका इस्तेमाल साल भर हो सके जैसे कि सर्दियों में बिकने वाले लोशन को अब ‘लाइट वेरिएंट’ के साथ गर्मियों के लिए भी प्रमोट किया जा रहा है. 

पैटर्न में बदलाव इसलिए भी जरूरी

अब विज्ञापनों में इन प्रोडक्ट्स को केवल किसी खास मौसम से न जोड़कर, रोजमर्रा की सेहत और त्वचा की देखभाल से जोड़ा जा रहा है. मौसम के हिसाब से होने वाली मांग यह तय करती है कि कंपनियां कितना सामान बनाएंगी, कहां स्टॉक रखेंगी और डिस्ट्रीब्यूटर व रिटेलर कब सामान का स्टॉक करेंगे. अगर मॉनसून उम्मीद से पहले आ जाए या सर्दियाँ सामान्य से कम समय की हों, तो कंपनियों की बिक्री कम हो सकती है और पूरी डिस्ट्रीब्यूशन चेन में जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा हो सकता है.

Deloitte India में पार्टनर और कंज्यूमर इंडस्ट्री लीडर आनंद रामनाथन का कहना है कि यह बदलाव कमर्शियल नजरिए से जरूरी है क्योंकि मौसम पर निर्भर कैटेगरी के लिए मौसम के उतार-चढ़ाव की वजह से मांग का अनुमान लगाना, इन्वेंट्री की प्लानिंग करना और सप्लाई-चेन में तालमेल बिठाना मुश्किल होता जा रहा है.  यही वजह है कि कंपनियां अपने सीजनल ब्रांड्स के तहत नए प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रही हैं ताकि एक ही सीजन पर निर्भरता कम हो सके.

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