- IRTSA ने गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के बोनस सीमा वृद्धि मांगी.
- बोनस गणना अभी भी ₹7,000 की सीलिंग पर आधारित.
- न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 होने से वृद्धि आवश्यक.
- वेतन सीमा बढ़ने से कर्मचारियों को अधिक बोनस मिलेगा.
इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने वित्त मंत्री और रेल मंत्री को पत्र लिखकर नॉन-गजेटेड रेलवे कर्मचारियों के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) की वेतन सीमा बढ़ाने की मांग की है. उनका कहना है कि दशहरे पर मिलने वाले बोनस कैलकुलेशन का आधार बढ़ाकर न्यूनतम 18,000 रुपये और महंगाई भत्ते (DA) किया जाए.
यूनियनों की नई मांग
यूनियनों का तर्क है कि अभी 6वें वेतन आयोग (FY 2014-15) के समय तय की गई 7000 रुपये की सीलिंग के आधार पर 78 दिनों का बोनस तय होता है. इससे नॉन-गेजेटेड रेल कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपया ही बोनस मिल पाता है. अब चूंकि 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये हो चुका है इसलिए लेवल-1 कर्मचारियों के लिए बोनस की सीलिंग भी कम से कम 18,000 + 60% DA की जानी चाहिए.
एसोसिएशन की यह भी मांग है कि लेवल-2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए उनकी सैलरी के अनुपात में बोनस सीलिंग को और अधिक बढ़ाया जाए. रेल यूनियनों का कहना है कि वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद जब न्यूनतम वेतन बढ़कर 18,000 रुपये हो चुका है, तो बोनस की गणना पुराने 7,000 रुपये के आधार पर क्यों हो.
रेलवे कर्मचारियों को कितना होगा फायदा?
दशहरे से पहले केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अगर उनकी यह मांग स्वीकार कर ली जाती है, तो इससे रेलवे कर्मचारियों को बंपर फायदा होगा. अगर सरकार बिना 60% DA के भी सिर्फ 18,000 बेसिक पे को आधार मानकर कैलकुलेशन करती है, तो 78 दिनों का बोनस 46,159 से अधिक बनेगा. अगर इसमें डीए को भी शामिल कर लिया जाता है, तो रकम 27,824 रुपये तक पहुंच सकती है. फिलहाल सबकी नजरें कैबिनेट के फैसले पर टिकी हैं.
IRTSA की यह मांग ऐसे समय में आई है, जब केंद्र सरकार के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली मुख्य संस्था- नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सभी नॉन-गजेटेड कर्मचारियों के लिए PLB वेतन सीमा बढ़ाने की मांग की है. पिछले महीने, NC-JCM ने सरकार से वेतन सीमा को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने का अनुरोध किया है.
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