भारत में SAMSUNG ने की छंटनी की घोषणा, 10 दिनों में कई कंपनियों ने 6500 लोगों को निकाला

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नौकरी करने वालों के लिए सितंबर का महीना टेंशन के साथ शुरू हुआ है. दुनियाभर की कई बड़ी तकनीकी कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है. भारत में सैमसंग ने भी अपने टेलीविजन कारोबार से जुड़े करीब 80 से 100 अधिकारियों को हटा दिया है. ये छंटनी अलग-अलग स्टेज में की जा रही है और इसमें अलग-अलग पदों पर काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं.  

दूसरी ओर, सितंबर के शुरुआती 10 दिनों में दुनियाभर में 6,300 से ज्यादा तकनीकी नौकरियों में कटौती की खबर सामने आई है. उबर, पेपाल, जोमैटो, एप्पल और ओरेकल जैसी बड़ी कंपनियां कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं और जहां अभी तक छंटनी नहीं हुआ है वो भी अब तैयारी कर रही हैं. 

किन लोगों की गई नौकरी?
भारत में सैमसंग में जो छंटनी हुई है वो टेलीविजन और घरेलू उपकरण वाले बिजनेस के डिपार्टमेंट से हुई है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने निदेशक स्तर के अधिकारियों, टीम प्रमुखों और प्रबंधक समेत कई पदों पर काम करने वाले लोगों को हटाने का आदेश दे दिया है. 

कंपनी में एक साथ सारे कर्मचारियों को नहीं हटाया जा रहा है. कर्मचारियों को अलग-अलग स्टेज में बाहर किया जा रहा है. कुछ कर्मचारियों को तो बिना नोटिस पीरियड पूरा किए बिना ही कंपनी छोड़ने के लिए कहा गया है. 

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कंपनी क्यों कर रही हैं छंटनी?
इसके पीछे सबसे बड़ी वजह बढ़ता खर्च और कारोबार पर दबाव है. कंपनियां चाहती हैं कि कम खर्च में ज्यादा काम हो और मुनाफे पर दबाव कम किया जा सके. सैमसंग के मामले में मेमोरी चिप की कीमत काफी बढ़ गई है. इसके अलावा रुपये की कमजोरी और कच्चे माल की बढ़ती लागत ने भी कंपनी का खर्च बढ़ाया है. दूसरी तरफ, भारत में स्मार्टफोन की बिक्री में भी कमजोरी देखने को मिली है.  

कई बड़ी कंपनियां भी कर रहीं छंटनी
सितंबर के शुरुआती 10 दिनों में दुनिया की कई बड़ी तकनीकी कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या घटाई है. उबर करीब 3,300 कर्मचारियों की नौकरी कम करने की योजना में है. यह उसके दुनियाभर के कर्मचारियों का करीब 10 प्रतिशत है.

 भारत में पेपाल अपने कर्मचारियों की संख्या में करीब 4 प्रतिशत की कमी करने वाला है. इससे करीब 220 कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है. वहीं जोमैटो और एप्पल ने मिलकर करीब 250 पदों को खत्म किया है. ओरेकल में भी बड़े स्तर पर कर्मचारियों की संख्या घटाने की खबर है. 

AI भी बन रही है एक वजह
कंपनियों की छंटनी का एक कारण बदलती तकनीक भी है. कंपनियां अब AI तकनीक पर ज्यादा पैसा खर्च कर रही हैं. इससे कुछ ऐसे काम कम हो रहे हैं जिन्हें पहले बड़ी संख्या में कर्मचारी करते थे. महामारी के दौरान जरूरत से ज्यादा कर्मचारियों की भर्ती हो गई थी, वो भी कंपनी ठीक कर रही हैं. 

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और छंटनी होगी?
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि दीपावली के बाद कर्मचारियों की संख्या को लेकर कंपनी एक बार फिर जांच कर सकती है. फिलहाल मोबाइल कारोबार में बड़ी छंटनी का प्लान नहीं बनाया गया है.



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