- अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल पार कर गई.
- सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल बेचने में भारी नुकसान हो रहा है.
- भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें मई 2022 से स्थिर बनी हुई हैं.
- यदि कच्चा तेल महंगा रहा, तो घरेलू कीमतें बढ़ सकती हैं.
ग्लोबल ऑयल मार्केट में लगातार उतार-चढ़ाव की वजह से अब कच्चे तेल की औसत कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है. यह पिछले तीन महीनों में सबसे ज्यादा है. इसके आलावा, पेट्रोल-डीजल जैसे जरूरी फ्यूल की खपत भी बढ़ गई है. यानी कि कुल मिलाकर देश भर में आम उपभोक्ता इस वक्त काफी दबाव में हैं क्योंकि उन्हें फ्यूल स्टेशनों पर ज्यादा कीमतें चुकानी पड़ रही है.
तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी फ्यूल रिटेलर्स को पेट्रोल पर 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 23 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है. इसकी वजह है इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल का 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंचना, जो जुलाई के बाद से सबसे ज्यादा है.
कल बुधवार को ब्रेंट क्रूड 3.4% से ज्यादा बढ़कर 101.21 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ है और आज सुबह के सत्र में यह 102 डॉलर के करीब पहुंच गया है, जो जुलाई के बाद इसका अब तक का सबसे हाई लेवल है. वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क भी करीब 3.25% की बढ़त के साथ 96.05 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल चुका है.
पेट्रोल-डीजल की आज कीमत
नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि मुंबई में कीमतें ज्यादा हैं. यहां पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल की 97.83 रुपये प्रति लीटर है. भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 25 मई 2026 के बाद से पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं. यानी कि पिछले साढ़े तीन महीनों से अधिक समय से सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने रिटेल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है.
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.31 रुपये | 97.97 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये | 99.82 रुपये |
| चेन्नई | 107.78 रुपये | 99.56 रुपये |
| गुरुग्राम | 102.97 रुपये | 95.94 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
| नागपुर | 111.90 रुपये | 98.20 रुपये |
| शिमला | 102.31 रुपये | 94.34 रुपये |
| ग्वालियर | 114.30 रुपये | 99.35 रुपये |
पेट्रोल-डीजल के बढ़ेंगे दाम?
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के तुरंत बाद ही घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बदली जाती हैं. पहले कुछ दिनों या हफ्तों तक तेल कंपनियां कच्चे तेल की औसत कीमत का आकलन करती हैं. अगर महीने भर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार ही टिकी रहीं, तो फिर कंपनियां किश्तों में दाम बढ़ाना शुरू करेंगी ताकि आम जनता पर एक साथ बोझ न पड़े.
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