ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन ने 2026 दलीप ट्रॉफी का खिताब जीत लिया है. वेस्ट जोन के खिलाफ खेला गया मुकाबला पांचवें दिन (10 सितंबर) ड्रॉ पर समाप्त हुआ. लेकिन इसके बाद भी ईस्ट जोन की टीम को विनर घोषित किया गया. टीम के लिए दोनों पारियों में दमदार बैटिंग करने वाले ईशान किशन को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ से नवाजा गया. पहली पहली पारी में ईशान ने 30 चौके और 7 छक्के लगाकर 270 रन बनाए थे. दूसरी पारी में उनके बल्ले से 80 रनों की पारी निकली थी, जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे.
मुकाबले में पूरी तरह से ईस्ट जोन का दबदबा देखने को मिला. टॉस जीतकर बैटिंग के लिए उतरी टीम ने पहली पारी में 708/10 रन बोर्ड पर लगाए. इस दौरान ईशान किशन ने 270 रनों की पारी खेली. इसके अलावा कुमार कुशाग्र ने शतकीय पारी खेलते हुए 8 चौके और 5 छक्के लगाकर 101 रन बनाए. बाकी नंबर तीन के शिखर मोहन ने 85 रन बनाए. इस दौरान साउथ जोन के लिए त्रिपुराना विजय ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए.
𝙏𝙝𝙖𝙩 𝙒𝙞𝙣𝙣𝙞𝙣𝙜 𝙁𝙚𝙚𝙡𝙞𝙣𝙜 🏆
Congratulations to the Ishan Kishan-led East Zone on winning their third #DuleepTrophy title 👏👏#EZvSZ | @ishankishan51 pic.twitter.com/u6D4UvOTEp
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 10, 2026
फिर अपनी पहली पारी में बैटिंग करते हुए साउथ जोन 336 रन पर ऑलआउट हुई. इस दौरान ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए. बाकी मोहम्मद शमी, मोहम्मद कौनाइन कुरैशी और शिखर मोहन ने 2-2 विकेट अपने नाम खाते में डाले. इसके साथ ईस्ट जोन के पास 372 रनों की बढ़त रही. फिर अपनी दूसरी पारी में बैटिंग करते हुए ईस्ट जोन ने 7 विकेट पर 388 रन बनाकर मैच को समाप्त कर दिया. इसके बाद दोनों कप्तानों हाथ मिला लिए. साउथ जोन को दोबारा बैटिंग का मौका नहीं मिल सका.
मैच ड्रॉ होने पर ईस्ट जोन को क्यों मिली ट्रॉफी?
अगर आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मैच ड्रॉ होने के बाद भी ट्रॉफी ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन को क्यों दी गई? बीसीसीआई के नियम के मुताबिक, अगर नॉकआउट घरेलू रेड बॉल मैच ड्रॉ पर समाप्त होता है, तो पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को खिताब दिया जाता है. इसी नियम के तहत ईस्ट जोन को खिताब दिया गया. टीम ने पहली पारी के बाद 372 रनों की बढ़त हासिल की थी.
यह भी पढ़ें: Watch: जीत के जश्न में खूब नाचे वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन, किया भांगड़ा