आज कितने में मिलेगा 14.2 किलो वाला सिलेंडर? 1000 से कम या ज्यादा है कीमत?

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  • आज घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अपरिवर्तित और स्थिर रहीं.
  • इस महीने कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ; घरेलू कीमतें जून से स्थिर हैं.
  • उज्ज्वला के लाभार्थी महंगे रिफिल के कारण अभी भी चूल्हे पर निर्भर.

आज, 11 सितंबर 2026 को देश में घरेलू LPG ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, इस महीने की शुरुआत में तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में लगभग 9.50 से 11.50 रुपये की बढ़ोतरी की थी.

घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में आखरी बदलाव 7 जून 2026 को ही किया गया था. उस समय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण कीमतों में 29 रुपये में प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की थी. तब से लेकर आज 11 सितंबर 2026 तक घरेलू रसोई गैस की कीमतें पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं. 

शहरवार LPG की कीमतें

शहर  घरेलू सिलेंडर (14.2 kg) कमर्शियल सिलेंडर (19 kg)
दिल्ली 942.00 2,747.50
मुंबई 941.50 2,701.00
कोलकाता 968.00 2,884.00
चेन्नई 957.50 2,916.50
बेंगलुरु 955.50 2,831.00
तिरुवनंतपुरम 951.00 2,784.00
पटना 1,031.50 3,029.00
नोएडा 939.50 2,747.50
गुरुग्राम 950.50 2,764.50

उज्जला योजना के बाद भी चूल्हा फूंक रहे लोग

गैस सिलेंडर की कीमतों पर हो रही चर्चा के बीच एक और पहलू भी सामने आया है. दरअसल,  ‘काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर’ (CEEW) की एक स्टडी के मुताबिक, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत लाखों परिवारों को LPG कनेक्शन तो मिल चुके हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में आज भी बड़ी संख्या में लोग खाना पकाने के लिए चूल्हा फूंक रहे हैं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि PMUY के तहत 10.5 करोड़ से ज्यादा मुफ्त LPG कनेक्शन दिए गए हैं. फिर भी, ग्रामीण इलाकों के सिर्फ 23 प्रतिशत परिवार ही खाना पकाने के लिए पूरी तरह से LPG पर निर्भर हैं, बाकी परिवार LPG के साथ-साथ लकड़ी जैसे पारंपरिक ईंधन का भी इस्तेमाल कर रहे हैं.

क्यों गैस सिलेंडर का नहीं हो रहा इस्तेमाल?

उज्जवला योजना के तहत गैस सिलेंडर पर सब्सिडी मिलने के बाद भी लोग इसलिए लोग चूल्हे पर खाना पकाने पर मजबूर हैं क्योंकि स्कीम के तहत शुरुआती कनेक्शन तो मुफ्त में मिल जाता है, लेकिन बाद में 900-1000 रुपये के बीच मिलने वाला रिफिल ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बस के बाहर है. साथ ही ग्रामीध इलाकों में  लकड़ी, सूखे पत्ते और उपले आसानी से और बिना किसी खर्च के मिल जाते हैं. ऐसे में लोग पैसे बचाने के लिए LPG का सीमित इस्तेमाल करते हैं. 

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