NMC ने बढ़ाई MBBS सीटें, अब देशभर में 1.40 लाख से ज्यादा सीटों पर एडमिशन 

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नीट यूजी 2026 के उम्मीदवारों के लिए मेडिकल एडमिशन से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है. नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने 2026-27 एकेडमी ईयर के लिए एमबीबीएस सीट मैट्रिक्स में बदलाव किया है. नए अपडेट के बाद देशभर में एमबीबीएस की कुल 1,40,214 सीटें हो गई. यह संख्या इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंर्पोटेंस कि सीटों को छोड़कर है.

इससे पहले जुलाई में जारी सीट मैट्रिक्स में कुल 1,36,939 एमबीबीएस सीटें थी. कुल 13,186 एमबीबीएस सीटें बढ़ाई गई हैं. सीटों में यह बदलाव नए मेडिकल कॉलेज की मंजूरी और पहले से संचालित कॉलेजों में एमबीबीएस की सीट बढ़ाने से हुआ है. एनएमसी के अनुसार संशोधित सीट मैट्रिक्स को मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड, एनएमसी की पहली अपील समिति और स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय की दूसरी समिति के फैसलों के आधार पर तैयार किया गया है. 

सरकारी और प्राइवेट कॉलेज में कितनी सीटें?

संशोधित आंकड़ों के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 63,971 सीटें हो गई है. ये सीटें 445 सरकारी मेडिकल कॉलेज में है. वहीं प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में 76,243 एमबीबीएस सीटें हैं, जो 391 संस्थानों में उपलब्ध हैं. जुलाई के मुकाबले सरकारी कॉलेज में 2,786 और प्राइवेट कॉलेज में 10,400 सीटों में बढ़ोतरी हुई है. वहीं इस साल देश में मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ी है जिसके बाद कुल कॉलेज की संख्या 836 हो गई है. इस वर्ष 38 में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दी गई है. 

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इन राज्यों में बढ़ी मेडिकल सीटें

सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक में कुल 15,745 एमबीबीएस सीटें हैं. जबकि उत्तर प्रदेश में 14,400 और तमिलनाडु में 14,299 सीटें हैं. महाराष्ट्र में 13,249, तेलंगाना में 10,450 और राजस्थान में 8,280 सीटें हैं. नए सीट मैट्रिक्स के अनुसार बिहार में सरकारी मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़कर 14 हो गई. (दो नए सरकारी कॉलेज मंजूर हुए, श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज समस्तीपुर-50 सीटें और राजकीय मेडिकल कॉलेज छपरा सारण- 50 सीटें) वहीं सरकारी सीटें बिहार में 290 बढ़कर 1520 से 1810 हो गई. आंध्र प्रदेश में 19 सरकारी कॉलेज में 275 सीटें बढ़कर 3,290 से 3,565 हो गई. इसके अलावा असम के 16 सरकारी मेडिकल कॉलेज में 100 सीटें बढ़कर 1,875 से 1,975 हो गई.

क्या है नीट यूजी काउंसलिंग में सीट मैट्रिक्स का महत्व?

एनएमसी का संशोधित सीट मैट्रिक्स नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के लिए जरूरी है. उम्मीदवारों को कॉलेज की चॉइस फिलिंग और सीटों की उपलब्धता देखते समय नई स्वीकृत सीटों की जानकारी देखनी होगी. एमसीसी और संबंधित राज्य काउंसलिंग समितियां को भी केवल एनएमसी से स्वीकृत सीटों के आधार पर ही एडमिशन प्रक्रिया करनी होगी. एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि किसी मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत संख्या से ज्यादा छात्रों को एडमिशन नहीं दिया जा सकता. निर्धारित सीटों से ज्यादा एडमिशन होने पर इसे एनएमसी एक्ट 2019 के प्रावधान का उल्लंघन माना जाएगा.

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