सत्य निकेतन हादसे के बाद DU के हॉस्टल में बढ़ेंगी सीटें, कुल क्षमता 12754 तक पहुंची


दिल्ली यूनिवर्सिटी के अनुसार पिछले करीब 100 सालों में यूनिवर्सिटी स्तर पर कुल 3,422 हॉस्टल सीटें उपलब्ध थी. अब इसमें 3,922 नई सीटें जोड़ी जा रही है. इसके बाद यूनिवर्सिटी स्तर पर हॉस्टल क्षमता बढ़कर 7,344 सीटें हो जाएगी. डीयू के अलग-अलग कॉलेजों में हॉस्टल सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है. यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार काॅलेज स्तर पर अब तक कुल 3,788 सीटें उपलब्ध थी.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के अनुसार पिछले करीब 100 सालों में यूनिवर्सिटी स्तर पर कुल 3,422 हॉस्टल सीटें उपलब्ध थी. अब इसमें 3,922 नई सीटें जोड़ी जा रही है. इसके बाद यूनिवर्सिटी स्तर पर हॉस्टल क्षमता बढ़कर 7,344 सीटें हो जाएगी. डीयू के अलग-अलग कॉलेजों में हॉस्टल सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है. यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार काॅलेज स्तर पर अब तक कुल 3,788 सीटें उपलब्ध थी.

नई व्यवस्था के तहत इसमें 1,622 सीटों का इजाफा किया जाएगा, जिससे कॉलेज में कुल क्षमता बढ़कर 5,410 सीटें हो जाएगी. इस तरह यूनिवर्सिटी और उसके कॉलेज को मिलाकर हॉस्टल की कुल क्षमता आने वाले समय में 12,754 सीटों तक पहुंच जाएगी. डीयू का कहना है कि नई सीटों के लिए हॉस्टल का निर्माण पहले से ही चल रहा है और कई परियोजनाएं आने वाले महीनों में पूरी होने की उम्मीद है.

नई व्यवस्था के तहत इसमें 1,622 सीटों का इजाफा किया जाएगा, जिससे कॉलेज में कुल क्षमता बढ़कर 5,410 सीटें हो जाएगी. इस तरह यूनिवर्सिटी और उसके कॉलेज को मिलाकर हॉस्टल की कुल क्षमता आने वाले समय में 12,754 सीटों तक पहुंच जाएगी. डीयू का कहना है कि नई सीटों के लिए हॉस्टल का निर्माण पहले से ही चल रहा है और कई परियोजनाएं आने वाले महीनों में पूरी होने की उम्मीद है.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के धाका परिसर में भी कई बड़े हॉस्टल प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं. यहां 1,450 सीटों वाले आईओई हॉस्टल का निर्माण चल रहा है, जिसे जल्द पूरा किए जाने की बात यूनिवर्सिटी ने कहीं. इसके अलावा महिलाओं के लिए 1000 सीटों वाला निर्भया रेजिडेंशियल अकोमोडेशन भी बनाया जा रहा है.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के धाका परिसर में भी कई बड़े हॉस्टल प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं. यहां 1,450 सीटों वाले आईओई हॉस्टल का निर्माण चल रहा है, जिसे जल्द पूरा किए जाने की बात यूनिवर्सिटी ने कहीं. इसके अलावा महिलाओं के लिए 1000 सीटों वाला निर्भया रेजिडेंशियल अकोमोडेशन भी बनाया जा रहा है.

वहीं 1050 सीटों वाला स्टूडियो अपार्टमेंट भी निर्माणाधीन है. यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार आने वाले महीनों में हॉस्टल से जुड़े कई दूसरे प्रोजेक्ट भी सामने लाए जाएंगे. डीयू  का कहना है कि पिछले चार-पांच सालों की तुलना में आने वाले समय में यूनिवर्सिटी की हॉस्टल क्षमता दोगुनी से भी ज्यादा होने जा रही है. इसके लिए कुछ नए प्रोजेक्ट सरकार के सामने भी रखे जाएंगे.

वहीं 1050 सीटों वाला स्टूडियो अपार्टमेंट भी निर्माणाधीन है. यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार आने वाले महीनों में हॉस्टल से जुड़े कई दूसरे प्रोजेक्ट भी सामने लाए जाएंगे. डीयू  का कहना है कि पिछले चार-पांच सालों की तुलना में आने वाले समय में यूनिवर्सिटी की हॉस्टल क्षमता दोगुनी से भी ज्यादा होने जा रही है. इसके लिए कुछ नए प्रोजेक्ट सरकार के सामने भी रखे जाएंगे.

डीयू प्रशासन ने भी सभी कॉलेज प्रिंसिपलों से अपने संस्थानों में छात्रों के लिए मौजूदा आवासीय सुविधाओं की समीक्षा करने को कहा है. जिन कॉलेजों में हॉस्टल का निर्माण पहले से चल रहा है, वहां कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही कॉलेजों से नए हॉस्टल बनाने की संभावनाएं तलाशने को भी कहा गया है. इसके लिए उपलब्ध जमीन और जगह सरकारी योजनाओं तथा निर्माण से जुड़ी दूसरी जरूरतों का आकलन कर जल्दी योजना तैयार करने को कहा गया है.

डीयू प्रशासन ने भी सभी कॉलेज प्रिंसिपलों से अपने संस्थानों में छात्रों के लिए मौजूदा आवासीय सुविधाओं की समीक्षा करने को कहा है. जिन कॉलेजों में हॉस्टल का निर्माण पहले से चल रहा है, वहां कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही कॉलेजों से नए हॉस्टल बनाने की संभावनाएं तलाशने को भी कहा गया है. इसके लिए उपलब्ध जमीन और जगह सरकारी योजनाओं तथा निर्माण से जुड़ी दूसरी जरूरतों का आकलन कर जल्दी योजना तैयार करने को कहा गया है.

आपको बता दें कि हॉस्टल सीटें बढ़ाने की यह पहल ऐसे समय में आई है, जब 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला आवासीय इमारत ढह गई थी. इस इमारत का इस्तेमाल लड़कों के पीजी के रूप में किया जा रहा था. हादसे में 7 लोगों की मौत हुई, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के 5 छात्र शामिल थे, जबकि 12 दूसरे लोग घायल हुए थे.

आपको बता दें कि हॉस्टल सीटें बढ़ाने की यह पहल ऐसे समय में आई है, जब 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला आवासीय इमारत ढह गई थी. इस इमारत का इस्तेमाल लड़कों के पीजी के रूप में किया जा रहा था. हादसे में 7 लोगों की मौत हुई, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के 5 छात्र शामिल थे, जबकि 12 दूसरे लोग घायल हुए थे.

Published at : 11 Sep 2026 09:56 AM (IST)

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