क्या प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय संभालने के लिए अलग से मिलेगी सैलरी? यहां जानिए

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देश के केंद्रीय राजनीतिक गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आई है. परीक्षा धांधली और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi की सलाह पर राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi को देश के शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. हालांकि, इतने बड़े मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालने के बाद भी Pralhad Joshi की सैलरी में एक रुपये का भी इजाफा नहीं होगा.

कैबिनेट मंत्री को कितनी मिलती है सैलरी?

भारत में किसी भी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री का वेतन और भत्ते ‘संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम’ के तहत तय किए जाते हैं. एक केंद्रीय मंत्री को प्रति माह 1,00,000 रुपये का मूल वेतन मिलता है. इसके अलावा, अपने संसदीय क्षेत्र की देखरेख के लिए 70,000 रुपये प्रतिमाह का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और कार्यालय के खर्चों के लिए 60,000 रुपये प्रतिमाह का कार्यालय भत्ता दिया जाता है. संसद सत्र या बैठकों में शामिल होने पर प्रतिदिन 2,000 रुपये का दैनिक भत्ता भी मिलता है. इन सभी भत्तों को मिलाकर एक केंद्रीय मंत्री की कुल अनुमानित मासिक सैलरी लगभग 2.30 लाख रुपये से 2.50 लाख रुपये के बीच होती है. वेतन के अलावा उन्हें लुटियंस दिल्ली में सरकारी बंगला, गाड़ी, ड्राइवर, मुफ्त यात्रा टिकट और मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं.

नया मंत्रालय मिलने पर भी क्यों नहीं बढ़ेगी सैलरी?

भारतीय संविधान और संसदीय नियमों के तहत ‘लाभ के पद’ के सिद्धांत का सख्ती से पालन किया जाता है. इसके अनुसार, कोई भी सांसद या मंत्री केवल एक ही पद के वेतन का हकदार होता है. चाहे किसी मंत्री के पास केवल एक विभाग की जिम्मेदारी हो या चार विभागों की, उन्हें मिलने वाला वेतन कैबिनेट मंत्री के एक ही पद का रहेगा. किसी भी अतिरिक्त मंत्रालय का प्रभार ‘अतिरिक्त प्रभार’ माना जाता है, जिसके लिए अलग से कोई अतिरिक्त वेतन, भत्ता या बोनस देने का प्रावधान नहीं है.

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तीन बड़े मंत्रालयों की कमान संभालेंगे Pralhad Joshi

कर्नाटक के बीजापुर से आने वाले Pralhad Joshi को केंद्र सरकार के सबसे भरोसेमंद और अनुभवी नेताओं में गिना जाता है. वे कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांचवीं बार (2004 से 2024 तक) चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं. पूर्व में संसदीय कार्य मंत्री रह चुके Pralhad Joshi वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के अध्यक्ष भी हैं. शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद अब उनके पास कुल तीन महत्वपूर्ण मंत्रालय हो गए हैं.  शिक्षा मंत्रालय (नया अतिरिक्त प्रभार). उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)

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