जम्मू-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का समापन, 30 से ज्यादा देशों की फिल्मों की थी भागीदारी

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जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का चार दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस महोत्सव ने जम्मू-कश्मीर में फिल्म उद्योग के विकास की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत की है.

डल झील में फ्लोटिंग सिनेमा

महोत्सव के दौरान डल झील में आयोजित विशेष फ्लोटिंग सिनेमा स्क्रीनिंग आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही. इसके जरिए दर्शकों को डल झील के पानी पर क्लासिक फिल्मों का प्रदर्शन देखने का अवसर मिला. इसके साथ ही विभिन्न देशों की फिल्मों और बॉलीवुड के चर्चित कलाकारों वाली नई फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया.

 

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह महोत्सव केवल खूबसूरत लोकेशन दिखाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका उद्देश्य स्थानीय युवा प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करना भी था. आयोजन के दौरान उभरते लेखक, फिल्म निर्माता और कलाकारों के लिए ट्रेनिंग और काम सीखने के मौके दिए गए.

उन्होंने कहा कि इस पहल ने जम्मू-कश्मीर को राष्ट्रीय और वैश्विक फिल्म उद्योग के मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित किया है.

 

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जम्मू-कश्मीर की फिल्म नीति

महोत्सव के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे जम्मू-कश्मीर की स्पष्ट मंशा का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर फिल्म नीति के माध्यम से प्रदेश देश और दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं का स्वागत करने के लिए तैयार है. सरकार पूरे वर्ष सक्रिय रहने वाले ऐसे फिल्म इकोसिस्टम के निर्माण पर काम कर रही है, जो बाहरी फिल्म निर्माताओं के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी समान रूप से सहयोग और अवसर प्रदान करे.

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि महोत्सव के दौरान 30 से अधिक देशों की 120 से ज्यादा फिल्मों का प्रदर्शन किया गया. उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने डल झील के जल पर मशहूर फिल्मों को फिर से दिखाने का काम किया है.

फिल्म निर्माण का बड़ा केंद्र बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर की सोच केवल एक फिल्मों की शूटिंग के लिए जगह बने रहने तक सीमित नहीं है. प्रदेश को ऐसे रचनात्मक केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है जहां स्थानीय कहानियां जन्म लें, नई प्रतिभाएं उभरें और फिल्म निर्माण का मजबूत वातावरण तैयार हो.

उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजन भविष्य में जम्मू-कश्मीर को देश के प्रमुख फिल्म और रचनात्मक केंद्रों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

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