
हरियाली के बीच बसा है मिथुन दा का घर – मड आइलैंड में मौजूद मिथुन चक्रवर्ती का बंगला चारों ओर से हरियाली से घिरा है. उनके बेटे नमाशी के मुताबिक, परिवार यहां की खुली और शांत फिजा को काफी पसंद करता है. बंगले में गार्डनिंग के लिए भी काफी जगह है और मिथुन खुद बागवानी करना पसंद करते हैं. यहां परिवार के 22 डॉग्स के घूमने के लिए भी काफी जगह है.

पीली बीटल थी मिथुन दा का पहला घर – घर में सबसे पुरानी और सबसे खास चीज की बात करें तो वो मिथुन की पुरानी पीली वॉक्सवैगन बीटल है. नमाशी ने बताया कि मुंबई आने के शुरुआती दिनों में मिथुन के पास रहने के लिए घर नहीं था. उन्होंने 15 दिनों से ज्यादा इसी कार में बिताए थे. आज भी यह कार परिवार के लिए सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि मिथुन के संघर्ष और सफर की याद है. मिथुन आज भी इसकी मेंटेनेंस करवाते हैं जिससे ये प्रेजेंटेबल बनी रहे.

इस आंगन में होती थीं फैमिली पार्टियां – बंगले का यह आंगन परिवार की कई पुरानी यादों का गवाह रहा है. मिथुन और योगिता बाली यहां वीकेंड पर आते थे और बच्चों की बर्थडे पार्टियां भी यहीं होती थीं. नमाशी के मुताबिक, एक बार यहां दिवाली की पार्टी भी हुई थी. इन पार्टियों में धर्मेंद्र और जितेंद्र जैसे फिल्मी सितारे भी शामिल हुए थे.

एक ही बंगला, लेकिन हर किसी के लिए अलग कॉटेज – मिथुन चक्रवर्ती का बंगला किसी आम घर की तरह एक ही इमारत तक सीमित नहीं है. इसे कई कॉटेज में बांटा गया है ताकि परिवार के हर सदस्य को अपना स्पेस मिल सके. नमाशी ने बताया कि यह सोच उनके पिता और दादा की थी. एक कॉटेज जिम, एक गेस्ट रूम और दूसरे हिस्से परिवार के सदस्यों के लिए हैं.

परिवार का क्रिएटिव हब है ये ऑफिस – बंगले का एक कॉटेज परिवार के फिल्मी काम का अहम हिस्सा है. यहीं स्क्रिप्ट नैरेशन और फिल्मों से जुड़ी चर्चाएं होती हैं. नमाशी के मुताबिक, उनके खुद के लिखे प्रोजेक्ट्स की कहानियां भी इसी क्रिएटिव स्पेस में तैयार हुई हैं. यानी यह जगह सिर्फ ऑफिस नहीं, परिवार के फिल्मी सफर का हिस्सा भी है. ऑफिस का एक हिस्सा मिथुन चक्रवर्ती के करियर की अचीवमेंट्स को डेडिकेटेड है.

1999 का वो रिकॉर्ड, जो ऑफिस में आज भी मौजूद है – मिथुन चक्रवर्ती के करियर से जुड़ी कई खास उपलब्धियां इस ऑफिस में संजोकर रखी गई हैं. इनमें लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का वह रिकॉर्ड भी शामिल है. नमाशी ने बताया कि 1999 में मिथुन की एक ही साल में बतौर हीरो 19 फिल्में रिलीज हुई थीं.

सबसे ज्यादा टैक्स देने वालों में शामिल रहा नाम – मिथुन चक्रवर्ती की ‘वॉल ऑफ फेम’ पर ‘इलस्ट्रेटेड वीकली’का फ्रंट पेज भी है. नमाशी बताते हैं कि 1994 से 1999 तक मिथुन देश के हाईएस्ट टैक्सपेयर रहे. ये बात इसलिए ज्यादा खास है क्योंकि कभी मुंबई में रहने के लिए मिथुन के पास घर नहीं था, वहीं बाद में उनका नाम देश के सबसे ज्यादा टैक्स देने वालों में शामिल हुआ.

फैन ने दिया था डिस्को डांसर’ का पोर्ट्रेट – मिथुन चक्रवर्ती के इस खास कलेक्शन में ‘डिस्को डांसर’ से जुड़ा एक पोर्ट्रेट भी मौजूद है. नमाशी के मुताबिक, उनके एक फैन ने मॉस्को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान यह पोर्ट्रेट बनाकर उन्हें तोहफे में दिया था. उन्होंने बताया कि ‘डिस्को डांसर’ सोवियत यूनियन में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली हिंदी फिल्मों में से एक रही.

‘प्रजापति’ ने सिनेमाघरों में पूरे किए थे 150 से ज्यादा दिन – मिथुन चक्रवर्ती के करियर की उपलब्धियों में उनकी बंगाली फिल्म ‘प्रजापति’ भी खास जगह रखती है. इस फिल्म ने सिनेमाघरों में 150 दिनों से ज्यादा का सफर पूरा किया था. ये एक सुपरहिट फिल्म थी इसलिए ये भी उनकी ‘वॉल ऑफ फेम’ का हिस्सा है.

दादा साहब फाल्के अवॉर्ड की फोटो भी मौ़जूद – मिथुन दा के करियर के सबसे बड़े सम्मानों में से एक दादा साहब फाल्के अवॉर्ड भी यहां खास जगह रखता है. नमाशी ने बताया कि अक्टूबर 2024 में यह सम्मान मिलने का पल उनके पिता के लिए बेहद भावुक था. नमाशी ने इसे अपने पिता के करियर का सबसे गर्व वाला पल बताया.

घर से महज दो मिनट की दूरी पर बना प्राइवेट स्टूडियो – मिथुन के बंगले के पास ही परिवार का अपना फिल्म स्टूडियो भी है. नमाशी ने बताया कि यह उनका पर्सनली बिल्ट स्टूडियो है, जहां अब फिल्मों की शूटिंग हो रही है. स्टूडियो में पांच इनबिल्ट कमरे हैं, जहां एक्टर्स और क्रू तैयार हो सकते हैं.इस जगह को शूटिंग के लिए तैयार किया जा रहा है.

हरियाली के बीच मिथुन दा का सुकून – मिथुन चक्रवर्ती का मड आइलैंड वाला बंगला सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि परिवार की पुरानी यादों और सुकून का ठिकाना है. चारों ओर फैली हरियाली इस जगह को मुंबई की भागदौड़ से बिल्कुल अलग बनाती है. परिवार यहां आकर साथ वक्त बिताता है और खुद को ‘डिटॉक्स’ करता है.

41 साल पुराना रिश्ता, आज भी उतना ही खास – मिथुन चक्रवर्ती के परिवार के लिए यह बंगला चार दशक से भी ज्यादा पुरानी यादों को समेटे हुए है. परिवार ने यह प्रॉपर्टी 1985 में खरीदी थी और समय के साथ इसे अपने स्थायी घर में बदल दिया. आज यहां अलग-अलग कॉटेज, गार्डन, क्रिएटिव स्पेस और स्टूडियो हैं, प्राइवेट जिम सब कुछ है.
Published at : 12 Sep 2026 09:29 PM (IST)
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