Why White Powder Appears On Interior Walls: क्या आपने कभी दीवार पर सफेद रंग का पाउडर या चॉक जैसा पदार्थ जमा हुआ देखा है? पहली नजर में यह धूल, फफूंदी या खराब हो रहा पेंट लग सकता है. लेकिन कई बार इसकी असली वजह कुछ और होती है. दीवार पर दिखाई देने वाली यह सफेद परत इस बात का संकेत हो सकती है कि दीवार के अंदर कहीं नमी मौजूद है और पानी धीरे-धीरे सतह की ओर आ रहा है.
इस सफेद जमाव को आमतौर पर एफ्लोरेसेंस कहा जाता है. यह तब बनता है जब पानी ईंट, सीमेंट, कंक्रीट या प्लास्टर जैसी छिद्र वाली सतह के अंदर से गुजरता है. इस दौरान पानी अपने साथ इन निर्माण सामग्री में मौजूद घुले हुए लवण यानी नमक को भी ऊपर ले आता है. जब पानी सतह पर पहुंचकर सूख जाता है, तो ये लवण पीछे सफेद पाउडर जैसी परत छोड़ देते हैं. सिर्फ इस सफेद परत को साफ कर देना समस्या का पूरा समाधान नहीं है. असली चिंता उस नमी की है, जिसकी वजह से यह परत बन रही है.
दीवार पर सफेद पाउडर क्यों जमता है?
एफ्लोरेसेंस बनने के लिए मुख्य रूप से तीन चीजों की जरूरत होती है- नमी, घुलनशील लवण और ऐसी निर्माण सामग्री जिसमें पानी अंदर जा सके. अगर ये तीनों चीजें एक साथ मौजूद हैं, तो दीवार पर सफेद दाग या पाउडर दिखाई देना शुरू हो सकता है. इसकी सबसे आम वजह दीवार में पानी का रिसाव हो सकता है. बारिश का पानी अगर बाहरी दीवार की दरारों या खराब हुई सतह से अंदर पहुंच रहा है, तो वह धीरे-धीरे दीवार के भीतर आगे बढ़ सकता है. इसी के साथ दीवार में मौजूद लवण भी सतह तक पहुंचते हैं और पानी सूखने के बाद सफेद निशान छोड़ जाते हैं.
खराब वॉटरप्रूफिंग भी हो सकती है वजह
अगर घर की वॉटरप्रूफिंग पुरानी हो गई है या कहीं से खराब हो चुकी है, तो नमी दीवार के अंदर प्रवेश कर सकती है. शुरुआत में यह समस्या सिर्फ सफेद पाउडर के रूप में दिखाई दे सकती है, लेकिन समय के साथ पेंट उखड़ने या दीवार पर नमी के दाग पड़ने जैसी समस्याएं भी नजर आ सकती हैं. बाथरूम, किचन या ऐसी जगहों पर भी यह समस्या हो सकती है जहां लगातार नमी रहती है.

पाइप में छिपा रिसाव भी जांचें
कभी-कभी दीवार के अंदर पानी की पाइप में छोटा सा रिसाव होता रहता है. बाहर से पानी दिखाई नहीं देता, लेकिन लगातार नमी बनी रहने के कारण दीवार पर सफेद परत बन सकती है.
अगर किसी खास हिस्से में सफेद पाउडर बार-बार वापस आ रहा है, तो वहां छिपे हुए पाइप लीकेज की जांच करवाना बेहतर है. नई बनी दीवारों में भी कभी-कभी ऐसी सफेद परत दिखाई दे सकती है. निर्माण के दौरान सीमेंट और प्लास्टर के अंदर मौजूद नमी जब धीरे-धीरे बाहर निकलती है, तो उसके साथ लवण सतह पर आ सकते हैं. हालांकि अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे या बार-बार लौटे, तो नमी के दूसरे स्रोत की जांच जरूरी हो सकती है.
क्या यह फफूंदी है?
हर सफेद परत को फफूंदी समझना सही नहीं है. एफ्लोरेसेंस आमतौर पर सफेद और पाउडर जैसा दिखाई देता है और इसमें फफूंदी जैसी गंध नहीं होती. यह खुद कोई फंगस नहीं है, बल्कि दीवार के अंदर से नमी के आने का संकेत है. हालांकि इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए. असली समस्या सफेद पाउडर से ज्यादा उसके पीछे छिपी नमी हो सकती है. अगर दीवार लंबे समय तक नम रहती है, तो पेंट खराब हो सकता है, प्लास्टर कमजोर पड़ सकता है और कुछ मामलों में फफूंदी जैसी दूसरी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं. इसलिए सफेद पाउडर को सिर्फ एक कॉस्मेटिक समस्या मानकर छोड़ देना ठीक नहीं है.

सिर्फ पेंट करने से समस्या नहीं जाएगी
अगर दीवार पर सफेद पाउडर जमा हो गया है, तो उसके ऊपर नया पेंट कर देना आसान उपाय जरूर लगता है, लेकिन इससे समस्या हमेशा के लिए खत्म नहीं होगी. अगर दीवार के अंदर नमी का स्रोत मौजूद है, तो सफेद परत दोबारा दिखाई दे सकती है और नया पेंट भी कुछ समय बाद उखड़ सकता है. पहले यह पता लगाना जरूरी है कि नमी कहां से आ रही है. जरूरत पड़ने पर दीवार की नमी की जांच, पाइप लीकेज की जांच और बाहरी दीवार, छत, खिड़कियों या बालकनी जैसी जगहों की जांच की जा सकती है.
सफेद परत को कैसे साफ करें?
अगर नमी की वजह पहले ही ठीक कर दी गई है, तो बची हुई सफेद परत को साफ किया जा सकता है. हल्की परत के लिए सूखे और मुलायम ब्रश से इसे हटाया जा सकता है. ढीले पाउडर को वैक्यूम से भी साफ किया जा सकता है. बहुत जिद्दी या बार-बार लौटने वाली परत के मामले में सही सफाई का तरीका सतह के प्रकार पर निर्भर करेगा. इसलिए जरूरत पड़ने पर किसी एक्सपर्ट की मदद लेना बेहतर है.
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आगे से कैसे बचें?
दीवारों को इस समस्या से बचाने का सबसे अच्छा तरीका नमी को अंदर जाने से रोकना है. दीवारों में आई दरारों को समय पर ठीक करें, खराब वॉटरप्रूफिंग की मरम्मत करवाएं और पाइप में किसी भी तरह के रिसाव को नजरअंदाज न करें. जहां नमी ज्यादा रहती है, वहां सही वेंटिलेशन रखना भी जरूरी है. साथ ही छत, बाहरी दीवारों और पानी की निकासी वाली जगहों की समय-समय पर जांच करते रहें.
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