AI से सुरक्षित होंगी NTA की परीक्षाएं, DG ने बताया क्या है पूरा प्लान

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देश की बड़ी परीक्षाओं को और ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब नई तकनीक का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है. NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा है कि भारत अपनी परीक्षा व्यवस्था को दुनिया की सबसे सुरक्षित व्यवस्थाओं में शामिल करना चाहता है. फिलहाल NTA का ध्यान किसी दूसरे देश के साथ मिलकर काम करने के बजाय अपनी परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर है.

धोखाधड़ी को रोकने के लिए NTA कर रहा एआई का इस्तेमाल

NTA परीक्षा में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रही है. इसके जरिए परीक्षा से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और लॉग्स की जांच की जा रही है. साथ ही डेटा एनालिसिस और एडवांस्ड तकनीक की मदद से परीक्षा के दौरान होने वाली गड़बड़ियों पर नजर रखी जा रही है. इसका मकसद किसी भी तरह की गड़बड़ी को समय रहते पकड़ना है.

परीक्षा केंद्रों पर लागू हुई ये सुविधाएं

उम्मीदवारों की पहचान को लेकर भी NTA ने तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया है. परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित प्रमाणीकरण और फेस रिकग्निशन जैसी सुविधाएं लागू की जा चुकी हैं. इससे किसी उम्मीदवार की जगह किसी दूसरे व्यक्ति के परीक्षा देने जैसी धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिल रही है. यानी परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले उम्मीदवार की पहचान को तकनीक के जरिए जांचा जा रहा है.

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‘डिजिटल पब्लिक गुड’ के तौर पर कराया जाएगा उपलब्ध

NTA की योजना सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. अभिषेक सिंह के मुताबिक, जब AI पर आधारित यह परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सफल हो जाएगी, तो भारत इसे दुनिया के साथ साझा कर सकता है. इसे ‘डिजिटल पब्लिक गुड’ के तौर पर दूसरे देशों के लिए भी उपलब्ध कराया जा सकता है. इसके जरिए BRICS देशों समेत दुनिया के अन्य देश भी भारत की तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी परीक्षाओं को ज्यादा सुरक्षित और निष्पक्ष बना सकेंगे.

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