- देहरादून काम और उत्पादकता में भी अग्रणी स्थान पर।
एक आम आदमी सुबह अपने काम के लिए निकलता है और पूरे दिन मेहनत करके घर वापस लौटता है. ऐसे में जब महीना पूरा होने के बाद हाथ में सैलरी आती है और सैलरी अच्छी-खासी हो तो, हर व्यक्ति अपने साथ-साथ अपने परिवार की जरूरतों को भी खुशी-खुशी पूरा करता है. लेकिन अगर सैलरी काम के मुकाबले जरूरत से ज्यादा कम हो तो उसमें गुजारा करना मुश्किल हो जाता है.
इस बीच देश में अलग-अलग जिलों में कर्मचारियों की कमाई को लेकर सरकारी आंकड़े सामने आए हैं, जिसमें देहरादून का नाम टॉप पर है. यहां पर कर्मचारियों को मिलने वाली औसत सालाना कमाई 4 लाख से भी ज्यादा दर्ज की गई है.
कितनी है सैलरी?
दरअसल, यहां पर गैर-निगमित कारोबारों में काम करने वाले कर्मचारियों की औसत सालाना सैलरी के बारे में जानकर हर कोई हैरान रह सकता है, क्योंकि यहां पर कामगारों की औसत कमाई 4.6 लाख रुपये है. हां, ये जरूर है कि सैलरी के मामले में देहरादून नंबर वन पर है, लेकिन इसके अलावा भी कई जिले हैं, जहां पर सालाना कमाई 2.5 लाख से 3.5 लाख के बीच रही है.
देहरादून के अलावा कौन से जिले हैं शामिल?
- दूसरे नंबर पर दक्षिण कन्नड़ ( कर्नाटक) है.
- वहीं तीसरे नंबर पर अजमेर ( राजस्थान ) है.
- इसके बाद चौथे नंबर पर इंदौर ( मध्य प्रदेश) है.
- फिर पांचवें नंबर पर कन्नूर ( केरल) है.
इन जिलों में कर्मचारियों की औसत सालाना कमाई लगभग 2.5 से 3.5 लाख रुपये के बीच रही.
नौकरी ढूंढने वालों के लिए जरूरी है आंकड़े
इस महंगाई के दौर में नौकरी करना काफी जरूरी है, क्योंकि हर व्यक्ति बिजनेस नहीं कर सकता है. अगर आप भी नौकरी की तलाश में किसी दूसरे शहर जाने की सोच रहे हैं तो इन आंकड़ों से ये साफ होता है कि देहरादून में कर्मचारियों की औसत कमाई सबसे ज्यादा है. यानी मतलब साफ है कि यहां गैर-निगामित कारोबारों में काम करने वालों की सैलरी अच्छी है.
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सैलरी ही नहीं, काम के मामले में भी आगे
ये बात तो साफ है कि देहरादून में कर्मचारियों की औसत कमाई तो ज्यादा है , लेकिन इसके साथ ही काम के दौरान ज्यादा सेवाएं और काम तैयार करने में भी देहरादून आगे है.
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