- टाटा संस ने FY26 में रिकॉर्ड ₹31,961 करोड़ मुनाफा कमाया.
- कंपनी ने प्रति शेयर ₹1,10,717 डिविडेंड की सिफारिश की है.
- यह ₹4,475 करोड़ डिविडेंड ट्रस्टों, प्रमोटरों को मिलेगा.
Dividend Stock: टाटा ग्रुप की मुख्य होल्डिंग कंपनी टाटा संस ने कारोबारी साल 2026 में जमकर मुनाफा कमाया है और कंपनी इसी का कुछ हिस्सा निवेशकों के बीच डिविडेंड के तौर पर बांटने के मूड में है.
कंपनी की सालाना फाइनेंशियल रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल उसने 31,961 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में कमाए गए 26,232 करोड़ रुपये से 21.8% ज्यादा है. वहीं, इस दौरान इसका टोटल रेवेन्यू 9.1% बढ़कर 42,367 करोड़ हो गया, जो FY25 में 38,835 करोड़ था. अब कंपनी अपने निवेशकों को डिविडेंड बांटने की तैयारी में है.
बंपर डिविडेंड देने की चल रही तैयारी
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 1,10,717 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड बांटने की सिफारिश की है. कंपनी ने पिछले साल 64900 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था. यानी कि पिछले साल के मुकाबले इस बार डिविडेंड की रकम में 70% तक की भारी बढ़ोतरी की जा रही है.
अगर शेयरधारकों की आगामी सालाना बैठक (AGM) में इसे मंजूरी मिल जाती है, तो टाटा संस को कुल 4475 करोड़ रुपये का डिविडेंड चुकाना होगा. चूंकि, टाटा संस शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी नहीं है इसलिए इसका फायदा आम निवेशकों को नहीं, बल्कि इसके प्रमुख ट्रस्ट्स और प्रमोटरों को मिलेगा.
किसे होगा फायदा?
इस डिविडेंड से सबसे ज्यादा फायदा Sir Dorabji Tata Trust को होगा, जो टाटा संस में करीब 66% की हिस्सेदारी रखती है. टाटा संस इसे 1252 करोड़ भारी-भरकम डिविडेंड का भुगतान करेगी. इसके अलावा, टाटा संस के 4060 शेयर अपने पास रखने वाले नोएल टाटा को भी 45 करोड़ रुपये डिविडेंड के तौर पर मिलेंगे.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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