कैसे चुना जाता है ACC का अध्यक्ष, कितनी मिलती है सैलरी?

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एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी एक बार फिर चर्चा में हैं. उनकी चर्चा तब शुरू हुई जब विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को भारतीय महिला टीम ने ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. दुबई में हुए इस मुकाबले के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी करीब 50 मिनट तक टलती रही, क्योंकि भारतीय खिलाड़ी नकवी के बजाय किसी और अधिकारी से ट्रॉफी लेना चाहती थीं.

यह विवाद 2025 के मेंस एशिया कप फाइनल जैसा ही रहा, जब भारतीय मेंस टीम ने भी नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. इस पूरे विवाद के बाद अब लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर एशियन क्रिकेट काउंसिल ACC का अध्यक्ष चुना कैसे जाता है और इस पद पर बैठने वाले को कितनी सैलरी मिलती है.

सदस्य देशों के बोर्ड से होता है चुनाव

ACC का अध्यक्ष सीधे आम जनता या खिलाड़ियों की वोटिंग से नहीं चुना जाता, बल्कि यह पद संस्था के सदस्य क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधियों के जरिए तय होता है. हर सदस्य देश का क्रिकेट बोर्ड अपने यहां का प्रमुख अधिकारी ACC की एग्जीक्यूटिव बॉडी में भेजता है और यही बॉडी मिलकर अध्यक्ष के नाम पर फैसला करती है. आमतौर पर यह प्रक्रिया संस्था की सालाना बैठक के दौरान पूरी की जाती है, जहां सदस्य देशों के प्रतिनिधि आपस में चर्चा करके इस बड़े पद के लिए सहमति बनाते हैं.

रोटेशन के आधार पर मिलता है यह पद

ACC अध्यक्ष के चुनाव में एक खास परंपरा देखने को मिलती है, जिसे रोटेशन पॉलिसी कहा जाता है. इसके तहत यह कोशिश की जाती है कि यह पद बारी-बारी से अलग-अलग सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को मिले, ताकि किसी एक देश का इस पर लंबे समय तक कब्जा न बना रहे. यही वजह है कि पिछले सालों में भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों के क्रिकेट बोर्ड प्रमुखों को बारी-बारी से यह जिम्मेदारी सौंपी जाती रही है. मौजूदा समय में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी इस पद पर हैं, जिन्होंने श्रीलंका के शम्मी सिल्वा से यह पद संभाला था.

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दो साल का होता है कार्यकाल

ACC अध्यक्ष का कार्यकाल आमतौर पर दो साल का रखा जाता है, हालांकि कई बार अलग-अलग परिस्थितियों में यह अवधि घट-बढ़ भी सकती है. कार्यकाल पूरा होने के बाद एग्जीक्यूटिव बोर्ड दोबारा बैठक करके अगले अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगाता है. इस पूरी प्रक्रिया में उपाध्यक्ष का पद भी अहम माना जाता है, जो अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में संस्था का कामकाज संभालता है. फिलहाल ओमान क्रिकेट के पंकज खिमजी इस संस्था के उपाध्यक्ष हैं.

क्या है सैलरी का पूरा गणित?

ACC अध्यक्ष का पद ज्यादातर बड़ी क्रिकेट संस्थाओं की तरह ही एक सम्मानजनक पद माना जाता है, जिसके लिए कोई तय मासिक सैलरी नहीं दी जाती. यह उन पदों जैसा ही है, जैसे ICC के चेयरमैन का पद भी बिना फिक्स्ड सैलरी के होता है, और वहां भी अधिकारी को उसके आधिकारिक कामकाज के लिए जरूरी भत्ते और सुविधाएं दी जाती हैं. ACC अध्यक्ष के मामले में भी यही व्यवस्था देखने को मिलती है, जहां पद संभालने वाला शख्स अपने बोर्ड से पहले से ही जुड़ा रहता है और ACC की तरफ से उसे यात्रा व अन्य आधिकारिक खर्चों के लिए भत्ते दिए जाते हैं, न कि कोई अलग से तय सैलरी.

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