फुल Fastag सिस्टम से देश को मिलेंगे 25000 करोड़, टोल बूथ पर नितिन गडकरी

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अगर आप हाईवे पर सफर करते हैं और टोल प्लाजा पर लगने वाले समय को लेकर परेशान रहते हैं, तो FASTag से जुड़ी यह खबर अहम है. अब केंद्र सरकार इसे और ज्यादा प्रभावी बनाने की तैयारी में है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि FASTag सिस्टम के पूरी तरह लागू होने से सरकार को हर साल करीब 20,000 से 25,000 करोड़ रुपये तक का फायदा हो सकत है. 

नितिन गडकरी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल बूथ सिस्टम को धीरे-धीरे बाधा-मुक्त यानी बिना रुके टोल वसूली की व्यवस्था में काम चल रहा है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार कम होगी, समय बचेगा और टोल संचालन का खर्च भी घटेगा. 

FASTag से टोल की कमाई में कितना इजाफा हुआ?

FASTag के इस्तेमाल से टोल बूथों की कमाई में करीब 10% यानी करीब 7,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. फिलहाल टोल से होने वाली कुल इनकम अब 82,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है.

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गडकरी के मुताबिक, पूरी तरह बाधा-मुक्त FASTag सिस्टम लागू होने के बाद सरकार को कमाई में और ज्यादा बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. अनुमान लगाया जा रहा है कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किए गए फ्री-फ्लो टोल सिस्टम से करीब 7,000-8,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त इनकम हो सकती है.

कब तक सभी टोल बूथ होंगे बाधा-मुक्त?

सरकार का टारगेट राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी टोल बूथों को मार्च 2027 तक पूरी तरह बाधा-मुक्त करने का है. गडकरी ने कहा कि इस साल दिसंबर के आखिर तक 70% से ज्यादा टोल बूथ बाधा-मुक्त होने की उम्मीद है. इसके बाद अगले साल मार्च तक 100% तक पहुंचाने का टारगेट बताया है. बड़ी बात यह है कि इससे गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत कम पड़ेगी और ट्रैफिक भी तेजी से आगे बढ़ेगी. 

वाहन मालिकों को भी होगा बड़ा फायदा

बाधा-मुक्त टोल व्यवस्था सिर्फ सरकार की कमाई तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे वाहन चालकों को काफी फायदा होगा. टोल प्लाजा पर कम समय रुकने से यात्रियों के समय की बचत होगी. साथ ही इससे ईंधन की खपत में भी काफी कमी आएगी. गडकरी ने बताया कि टोल प्लाजा पर गाड़ियों के रुकने का समय घटने से ईंधन खर्च में हर साल 5,250 करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हुई है.

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