- आज 31 जुलाई को पेट्रोल-डीजल दरों में कोई बदलाव नहीं.
- पिछली बार 25 मई को कीमतें बढ़ी थीं, दिल्ली में स्थिर.
- ईरान-अमेरिका तनाव से कच्चा तेल $87.30 प्रति बैरल पर पहुंचा.
- अमेरिकी सेना ने इराक में ईरान के हमलों का जवाब दिया.
Petrol-Diesel Rate Today on 31 July: आज देश भर में सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलवा नहीं किया है और कीमतें अपने पहले के स्तर पर बरकरार हैं.
कीमतों में आखिरी बार बदलाव 25 मई को हुआ था, जब सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. इसी के साथ दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है. नोएडा और गाजियाबाद में पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमश: 102.12 रुपये प्रति लीटर और 97.56 रुपये प्रति लीटर है.
क्रूड ऑयल की कितनी बढ़ी कीमत?
गुरुवार को, मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल के टैंकरों की आवाजाही जारी रहने के कारण तेल की कीमतें अपने पिछले ऊंचे स्तर से नीचे आ गईं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कल ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 1% तक टूटकर 87.30 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रही थीं, जबकि पिछले सेशन में इसकी क्लोजिंग 7.91% की बढ़त के साथ हुई थी, जो ईरान में छिड़ी जंग के बाद से कीमतों में आई सबसे बड़ी उछाल में से एक थी. यह अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ रहे तनाव का नतीजा था.
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.18 रुपये | 97.83 रुपये |
| कोलकाता | 113.47 रुपये | 99.82 रुपये |
| चेन्नई | 107.77 रुपये | 99.55 रुपये |
| बेंगलुरु | 110.93 रुपये | 98.80 रुपये |
| हैदराबाद | 115.69 रुपये | 103.82 रुपये |
| अगरतला | 105.17 रुपये | 94.05 रुपये |
| लखनऊ | 102.05 रुपये | 95.55 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
US-ईरान वॉर पर क्या है अपडेट?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान में लड़ाई रोकने की घोषणा करने और कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू होने का रास्ता साफ होने के कुछ दिनों बाद अमेरिकी सेना ने इराक में अपने ऊपर और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर किए गए हमलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की. बता दें कि बीते मंगलवार को ईरान ने जॉर्डन की सीमा और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इन हमलों के पीछे इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) और ईरानी सैन्य सलाहकारों को जिम्मेदार ठहराया गया.
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